CJP News: FIR रद्द होने और सरकारी एक्शन के बाद 5 सितंबर का मार्च रद्द

CJP News: केंद्र के आश्वासन के बाद CJP ने वापस लिया 5 सितंबर का प्रदर्शन मार्च

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह दिल्ली में 5 सितंबर को प्रस्तावित नए विरोध मार्च के आह्वान को वापस ले रही है। यह फैसला केंद्र सरकार द्वारा कोर्ट को यह आश्वासन दिए जाने के बाद लिया गया कि वह 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन से जुड़ी FIR वापस लेने सहित अपनी प्रतिबद्धताओं पर कायम रहेगी। CJP के प्रवक्ता और सह-संयोजक सौरव दास ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष यह बयान दिया। यह बयान केंद्र द्वारा प्रस्तावित मार्च का कारण बने मुद्दों पर सकारात्मक आश्वासन दिए जाने के बाद आया।

कोर्ट में क्या कहा गया

दास ने अदालत से कहा, “सकारात्मक आश्वासन और न्यायिक पवित्रता को देखते हुए तथा आज इस अदालत द्वारा पारित आदेश के मद्देनज़र, CJP प्रदर्शन मार्च के आह्वान को वापस लेना उचित समझती है।” CJP के इस फैसले पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए CJI ने कहा, “अगर दोनों पक्ष अच्छे इशारे दिखाएं, तो सब कुछ सुलझाया जा सकता है।”

पृष्ठभूमि: क्यों हुआ था मार्च का ऐलान

24 अगस्त को CJP ने इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक 5 सितंबर को मार्च निकालने का ऐलान किया था। पार्टी ने आरोप लगाया था कि 25 जुलाई को NEET पेपर लीक के खिलाफ हुए बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन को वापस लेते समय केंद्र सरकार ने जो आश्वासन दिए थे, उन्हें पूरा करने में सरकार नाकाम रही। प्रदर्शनकारियों का दावा था कि उस समय दिए गए कई वादे, विशेष रूप से FIR वापसी और लिखित आश्वासनों से जुड़े वादे, पूरे नहीं किए गए थे।

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