चेरी काउंटी AOA ने स्थगित GBM रद्द कर नोटिस वापस लिया, सैकड़ों सोसाइटियों में AOA-RWA बनाम बिल्डर विवाद चरम पर

चेरी काउंटी अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) ने 14 मई को जारी नोटिस वापस ले लिया है और 17 मई को प्रस्तावित जनरल बॉडी मीटिंग (GBM) को रद्द कर दिया गया है। बोर्ड ने निवासियों की आपत्तियों और सुझावों को गंभीरता से लेते हुए यह फैसला लिया। यह घटना नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में AOA/RWA और बिल्डरों के बीच चल रहे व्यापक विवादों की एक और मिसाल बन गई है, जहां सैकड़ों हाउसिंग सोसाइटियों में निवासी परेशान हैं।

चेरी काउंटी AOA के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट ने सभी अपार्टमेंट ओनर्स को सूचित किया कि कई निवासियों से प्राप्त सुझावों, चिंताओं और प्रतिनिधित्व के बाद यह कदम उठाया गया। बोर्ड वर्तमान में उत्तर प्रदेश अपार्टमेंट (प्रमोशन ऑफ कंस्ट्रक्शन, ओनरशिप एंड मेंटेनेंस) एक्ट, 2010 और मॉडल बाय-लॉज के प्रावधानों की समीक्षा कर रहा है। मुख्य कारणों में मूल एजेंडे (क्लॉज 16) में बदलाव और भागीदारी को फर्स्ट ओनर तक सीमित न रखना शामिल है, जो बाय-लॉज के क्लॉज 5 का उल्लंघन था। बोर्ड ने जल्द संशोधित नोटिस जारी करने का ऐलान किया है। बोर्ड ने बयान में कहा, “इस स्थगन से हुई असुविधा के लिए हम सभी अपार्टमेंट ओनर्स से खेद व्यक्त करते हैं। हम सदस्यों के धैर्य और सहयोग के लिए आभारी हैं।” यह फैसला पारदर्शिता और नियमों के अनुपालन की दिशा में सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

क्षेत्र में सैकड़ों सोसाइटियों में विवाद:

नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में कुल एक हजार से अधिक रजिस्टर्ड RWAs और AOAs हैं। इनमें से बड़ी संख्या में सोसाइटियों में चुनाव लंबे समय से लंबित हैं, बिल्डर हैंडओवर विवाद, रखरखाव शुल्क, IFMS फंड ट्रांसफर और प्रशासनिक अनियमितताओं की शिकायतें आम हैं। उप-रजिस्ट्रार (फर्म्स, सोसाइटीज एंड चिट्स) विभाग के अनुसार, कई सोसाइटियों में चुनाव 5 से 15 साल तक नहीं हुए। मार्च 2026 तक की जानकारी के मुताबिक, पिछले आठ महीनों में नोएडा में करीब 30 और गाजियाबाद में 20 सोसाइटियों में हस्तक्षेप के बाद चुनाव कराए गए। Supertech Capetown में 5 साल, Greater Noida के Gaur Homes और Beta-2 में 7 साल बाद चुनाव हुए। Alpha-1 सेक्टर में 15 साल से चुनाव न होने की शिकायत है।

मुख्य समस्याएं:

चुनाव में देरी: कई AOA/RWA अपने दो साल के कार्यकाल के बाद भी सत्ता में बने हुए हैं, जिससे भ्रष्टाचार और रखरखाव की अनियमितताओं के आरोप लगते हैं।

बिल्डर-AOA विवाद: हैंडओवर, CAM चार्जेस, सुरक्षा और हाउसकीपिंग को लेकर तनाव। Greater Noida West के Himalaya Pride और ATS Homekraft Nobility जैसी सोसाइटियों में हालिया झड़पें हुईं।

अन्य मुद्दे: अवैध निर्माण, कॉमन एरिया पर कब्जा, लिफ्ट-वॉटर सप्लाई समस्याएं और GST जैसे टैक्स मुद्दे। CONRWA जैसे संगठन 50 से अधिक सेक्टरों की शिकायतें उठा चुके हैं। निवासियों का कहना है कि बिना चुनाव वाले बोर्ड मनमाने फैसले लेते हैं, जिससे रखरखाव शुल्क बढ़ता है लेकिन सुविधाएं नहीं सुधरतीं। अधिकारियों ने 50 से अधिक सोसाइटियों को नोटिस जारी किए हैं और हस्तक्षेप बढ़ाया है।

विशेषज्ञों की राय:

विशेषज्ञों के अनुसार, तेज urbanization और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की बढ़ती संख्या के साथ AOA प्रबंधन की चुनौतियां बढ़ी हैं। UP Apartment Act के सख्त क्रियान्वयन और समयबद्ध चुनावों की जरूरत है। चेरी काउंटी का यह कदम अन्य सोसाइटियों के लिए उदाहरण बन सकता है। नई GBM की तारीख की घोषणा शीघ्र होने की उम्मीद है। निवासी निष्पक्ष, पारदर्शी प्रक्रिया और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। मामले पर नोएडा-ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी और उप-रजिस्ट्रार विभाग की नजर बनी हुई है।

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