“प्रशासन, एनजीओ और समाज के विभिन्न संगठनों के संयुक्त प्रयासों से ही श्रमिकों के जीवन में वास्तविक सुधार संभव है। श्रमिकों के कल्याण की जिम्मेदारी हम सभी की सामूहिक है।” जिलाधिकारी मेघा रूपम ने बैठक में कहा कि गौतम बुद्ध नगर आज उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजधानी के रूप में तेजी से उभर रहा है, जहां बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। यहां कार्यरत लाखों श्रमिक जिले की प्रगति की रीढ़ हैं। उन्होंने बताया कि इन श्रमिकों के आवास, स्वास्थ्य सेवाएं, कौशल विकास, सामाजिक सुरक्षा और उनके बच्चों की शिक्षा जैसे बुनियादी विषयों पर योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।
बैठक के तीन मुख्य एजेंडा
श्रमिक दिवस के हेल्थ कैंप की सराहना
जिलाधिकारी ने हाल ही में श्रमिक दिवस (1 मई) के अवसर पर आयोजित मेगा हेल्थ कैंप में सहयोग देने वाले निजी अस्पतालों और एनजीओ की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने अन्य संस्थाओं एवं संगठनों से भी इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
पात्र श्रमिकों तक पहुंचेगा सरकारी योजनाओं का लाभ
बैठक में एक अहम निर्णय लिया गया कि जिला सेवायोजन अधिकारी केंद्र एवं राज्य सरकार की समस्त जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी एकत्र कर सभी NGO के साथ साझा करेंगे। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र श्रमिक किसी भी सरकारी योजना के लाभ से वंचित न रहे।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
डॉ. शिवाकांत द्विवेदी मुख्य विकास अधिकारी, अतुल कुमार अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), मनीषा अत्री जिला सेवायोजन अधिकारी, पंकज निर्वाण उपायुक्त उद्योग, राहुल पवार जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सुयश पांडे सहायक श्रमायुक्त इनके अलावा विभिन्न NGO एवं RWA के प्रतिनिधि भी बैठक में उपस्थित रहे।
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