लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार सुबह प्रशासन का बड़ा एक्शन देखने को मिला। इलाहाबाद हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद, नगर निगम ने कोर्ट परिसर के बाहर बने वकीलों के अवैध चैंबरों पर बुलडोजर चला दिया। इस कार्रवाई के दौरान 100 से अधिक अवैध चैंबरों को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई का विरोध कर रहे वकीलों और दुकानदारों को खदेड़ने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा, जिससे मौके पर भारी तनाव की स्थिति बन गई।
हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद एक्शन
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने पुराने हाईकोर्ट परिसर, जिला एवं सत्र न्यायालय, कलेक्टरेट और अन्य सरकारी परिसरों के आसपास वकीलों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण पर कड़ा रुख अपनाया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि इन अवैध चैंबरों के कारण इलाके में भारी परेशानी और यातायात बाधित होता है, इसलिए इन्हें बने रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
न्यायालय ने नगर निगम को अतिक्रमण हटाकर 6 मई तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। रिपोर्ट समय पर न मिलने के बाद, प्रशासन ने रविवार को इस बड़े पैमाने पर अभियान की शुरुआत की। प्रशासन ने कुल 200 से अधिक अवैध कब्जों को चिन्हित किया है, जिन्हें हटाने का लक्ष्य रखा गया है।
वकीलों का भारी विरोध और लाठीचार्ज
बुलडोजर चलने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में वकील मौके पर इकट्ठा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वकीलों ने इस कार्रवाई को “रात के अंधेरे में की गई कार्रवाई” बताते हुए नाराजगी जताई और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की।
जब विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी बढ़ने लगी, तो पुलिस ने वकीलों और दुकानदारों को वहां से हटाने का प्रयास किया। इस दौरान हुई धक्कामुक्की के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
इन चिन्हित क्षेत्रों पर चला प्रशासन का हंटर
हाईकोर्ट के आदेश के तहत निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों में अवैध निर्माण को हटाने की सूची तैयार की गई थी:
| क्षेत्र | विवरण / स्थान |
|---|---|
| पुराना HC परिसर | जिला एवं सत्र न्यायालय के आसपास |
| कलेक्टरेट | राजस्व बोर्ड के पास |
| कैसरबाग (Kaiserbagh) | बस स्टेशन और परिवहन विभाग की वर्कशॉप के पास |
| स्वास्थ्य भवन | कचहरी के आसपास का क्षेत्र |
| सब-रजिस्ट्रार कार्यालय | विद्युत उप-स्टेशन के पास |
| बलरामपुर अस्पताल | कमिश्नरेट के पास |
अतिक्रमणकारियों से ही वसूला जाएगा कार्रवाई का खर्च
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, सड़कों और नालों पर बने इन अवैध चैंबरों के कारण जलभराव, सफाई और यातायात की गंभीर समस्या पैदा हो रही थी। प्रशासन ने वकीलों को अपना सामान हटाने के लिए 16 मई तक की आखिरी चेतावनी दी थी, लेकिन अधिकांश चैंबर खाली नहीं किए गए। प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि इस पूरी बुलडोजर कार्रवाई में आने वाला खर्च भी अतिक्रमणकारियों से ही वसूला जाएगा।
वकीलों की मांग और वर्तमान स्थिति
प्रभावित वकीलों ने अपने सामान और निर्माण सामग्री को लेकर चिंता जताई है। वकील संघों का कहना है कि प्रशासन को कार्रवाई रोकने के साथ ही उन्हें बैठने के लिए कोई वैकल्पिक जगह (Alternative Space) उपलब्ध करानी चाहिए।
मौके की स्थिति: फिलहाल कोर्ट परिसर के आसपास का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। नगर निगम के अधिकारी और भारी पुलिस बल मौके पर डटे हुए हैं और बाकी बचे अवैध ढांचों को हटाने की तैयारी चल रही है। आने वाले दिनों में वकील संघों की ओर से इस कार्रवाई के खिलाफ बड़े आंदोलन या तीखी प्रतिक्रिया की संभावना
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