Berlin Pride vehicle attack: बर्लिन, जर्मनी की राजधानी बर्लिन में शनिवार (25 जुलाई 2026) शाम को यूरोप के सबसे बड़े LGBTQ+ आयोजनों में से एक क्रिस्टोफर स्ट्रीट डे (CSD) यानी बर्लिन प्राइड फेस्टिवल के दौरान एक भयानक घटना घटी। एक श्वेत रंग की वैन (या मिनीबस/कार) ने टियरगार्टन पार्क में भीड़ को रौंद दिया। इसमें एक महिला की मौत हो गई और कम से कम 16 से 17 लोग घायल हो गए, जिनमें कई की हालत गंभीर और तीन की जीवन के लिए खतरा बताया गया।
घटना स्थानीय समय के करीब रात 10 बजे (2000 GMT) ब्रैंडनबर्ग गेट के पास टियरगार्टन पार्क में हुई। पुलिस के अनुसार, वाहन तेज रफ्तार से पार्क में घुसा, रास्ते पर चल रहे लोगों को टक्कर मारी और फिर एक पेड़ से टकराकर रुक गया। वाहन खाली मिला और चालक पैदल भाग निकला। पुलिस ने तुरंत मैनहंट शुरू कर दिया।
संदिग्ध की पहचान
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि उन्होंने एक संदिग्ध की पहचान कर ली है, जो अभी गिरफ्तार नहीं हुआ है। यह व्यक्ति बर्लिन के इस्लामिस्ट सर्कल से जुड़ा हुआ माना जाता है और पुलिस को पहले से जाना-पहचाना है। प्रवक्ता फ्लोरियन नाथ ने कहा कि इस संदिग्ध के खिलाफ कार्रवाई जारी है। कुछ रिपोर्ट्स में गवाहों ने बताया कि वैन से एक व्यक्ति निकला और भाग गया।
घटना के बाद आयोजन तुरंत रद्द कर दिया गया। ब्रैंडनबर्ग गेट के पास समापन रैली और कॉन्सर्ट बाधित हो गया। सैकड़ों हजार लोग इस समारोह में शामिल हुए थे, जो 1969 के स्टोनवॉल विद्रोह की याद में हर साल आयोजित होता है और समानता, समावेशन तथा भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाता है।
घायलों की स्थिति और बचाव कार्य
अग्निशमन विभाग के अनुसार, घायलों में आठ की हालत गंभीर है, जिनमें तीन की जान को खतरा है। एक महिला की मौत मौके पर ही हो गई। बचाव दल ने मौके पर ही कई लोगों का इलाज किया और मनोवैज्ञानिक सहायता टीमों ने लगभग 30 लोगों की मदद की जो शारीरिक रूप से घायल नहीं थे लेकिन सदमे में थे। पुलिस ने क्षेत्र को सील कर दिया और रिश्तेदारों के लिए हेल्पलाइन शुरू की।
आधिकारिक प्रतिक्रियाएं
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि दोषियों को सजा जरूर मिलेगी। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों से लगातार संपर्क बनाए रखा है। बर्लिन के मेयर काई वेगनर ने इसे “हमारे मुक्त और खुले समाज पर हमला” बताया। क्वीयर अफेयर्स कमिश्नर और अन्य नेताओं ने भी शोक व्यक्त किया। यह घटना जर्मनी में हाल के वर्षों में वाहनों से भीड़ पर हमलों की श्रृंखला का हिस्सा मानी जा रही है। इससे पहले लीपजिग, मानहाइम, म्यूनिख और मैगडेबर्ग में भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। पुलिस गवाहों से वीडियो और जानकारी मांग रही है। जांच अभी जारी है और मकसद की पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि संदिग्ध के इस्लामिस्ट पृष्ठभूमि की जानकारी सामने आई है। स्थिति पर नजर बनाए रखें।
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