Artemis II Mission: नासा के आर्टेमिस II मिशन के चार अंतरिक्ष यात्री—कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच और कैनेडियन स्पेस एजेंसी के जेरेमी हैनसेन—अपने ऐतिहासिक चंद्रमा फ्लाईबाय से लौटने के बाद भावुक होकर अपनी अनुभूतियों को साझा कर रहे हैं। 10 अप्रैल 2026 को प्रशांत महासागर में टेक्स्टबुक स्प्लैशडाउन के बाद 16 अप्रैल को ह्यूस्टन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के साथ इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि यह मिशन सिर्फ तकनीकी सफलता नहीं, बल्कि उनके बीच गहरी दोस्ती का भी प्रतीक बन गया।
वाइजमैन ने कहा, “हम दोस्त बनकर गए और सबसे अच्छे दोस्त बनकर लौटे। हम चार इंसान परिवार नहीं होने के बावजूद सबसे करीब से जुड़ गए हैं।” उन्होंने पूरे मिशन में एक-दूसरे के समर्थन की सराहना की और बताया कि चंद्रमा के दूर वाले हिस्से से पृथ्वी का नजारा “दुनिया से परे” और अवर्णनीय था। कोच ने अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा कि पति के शब्दों ने उन्हें आंसू ला दिए— “तुमने फर्क पैदा किया है।” हैनसेन ने लोगों की रचनात्मकता और मानवता की अच्छाई पर जोर दिया, जबकि ग्लोवर ने मिशन को “हमने जो कहा, वह किया” बताते हुए वास्तविकता से सामना करने की बात कही।
री-एंट्री का ‘इंटेंस’ अनुभव
एबीसी न्यूज के डेविड मुइर से इंटरव्यू में क्रू ने पृथ्वी पर लौटने के दौरान के खतरनाक पलों का विस्तार से वर्णन किया। कोच ने बताया कि री-एंट्री लॉन्च से कम से कम 10 गुना ज्यादा वाइल्ड अनुभव थी—यह किसी स्पेस फ्लाइट का “ग्रैंड फिनाले” है। वायुमंडल में घर्षण से बनी प्लाज्मा बबल ने स्पेसक्राफ्ट को घेर लिया, जिसमें 6 मिनट का पूरा कम्युनिकेशन ब्लैकआउट हो गया। तापमान 5,000 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंच गया और खिड़की से “आर्क वेल्डर” जैसी चमकदार आग की गेंद दिखाई दी।
क्रू ने 4G का दबाव लगभग 13 मिनट तक झेला, जिसमें रंबलिंग की आवाज़ ऐसी थी जो पृथ्वी पर कभी प्रैक्टिस नहीं की जा सकती। वाइजमैन ने टीम को “सब कुछ नॉर्मल है” कहकर आश्वस्त किया, जबकि ग्लोवर ने पूरे समय ऊंचाई और गति का सटीक कैडेंस बनाए रखा। हैनसेन ने ओरियन स्पेसक्राफ्ट का शुक्रिया अदा किया कि उसने चारों इंसानों को जिंदा रखा। यह मिशन 50 साल से ज्यादा समय बाद पहला क्रूड लूनर जर्नी था, जिसमें 6,95,081 मील की यात्रा हुई। क्रू ने भविष्य के आर्टेमिस III (2027) और चंद्रमा बेस के लिए उत्साह जताया, साथ ही युवाओं को सलाह दी कि चुनौतियों का सामना करें और सपनों को दूसरों से साझा करें। यह मिशन न सिर्फ चंद्रमा की ओर मानवता की वापसी का प्रतीक है, बल्कि टीमवर्क, जोखिम लेने की क्षमता और ब्रह्मांड से जुड़ाव की भावना को भी दर्शाता है। नासा अब अगले मिशनों के लिए पूरी तरह तैयार दिख रहा है।

