गाजियाबाद/नोएडा। दिवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर की हवा में जहर घुल रहा है। गाजियाबाद, नोएडा, बागपत और दिल्ली सहित कई क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर रेड जोन में पहुंच गया है। यूपी के तीन शहरों का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 के पार दर्ज किया गया है। नोएडा का AQI 321, दिल्ली का 379, बागपत का 304 और गाजियाबाद के संजयनगर-लोनी इलाकों में 310-315 के आसपास रहा। इससे पूरे एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) स्टेज-2 लागू कर दिया गया है।
प्रशासन के अनुसार GRAP-2 के तहत होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट में तंदूर में कोयला व लकड़ी जलाने पर पूरी रोक लगा दी गई है। खुले में कचरा या सूखी पत्तियां जलाने, डीजल जनरेटर के अनावश्यक इस्तेमाल और तारकोल से सड़क बनाने जैसे कामों पर भी पाबंदी है। निजी वाहनों के उपयोग को कम करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाने जैसे कदम भी शामिल हैं। फिर भी कई जगहों पर नियम तोड़े जा रहे हैं।
ताजा जानकारी के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में निर्माण कार्य जारी हैं। जगह-जगह तंदूर जल रहे हैं। नोएडा के सेक्टर-9 में भी अवैध रूप से तंदूर चलाए जा रहे हैं। साथ ही इमारतें तोड़ी जा रही हैं और नई निर्माण गतिविधियां चल रही हैं। ये गतिविधियां धूल और धुएं के रूप में प्रदूषण बढ़ा रही हैं, जबकि प्रशासन प्रदूषण स्रोतों पर कार्रवाई के निर्देश दे चुका है। सड़कों पर पानी का छिड़काव, मशीनों से सफाई और वाहनों की जांच तेज की गई है। तीन दिनों में 500 से ज्यादा वाहनों को वापस लौटाया गया और सैकड़ों चालान किए गए।
स्थानीय निवासी शिकायत कर रहे हैं कि GRAP के बावजूद निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उपाय पर्याप्त नहीं हैं और अवैध तंदूर खुलेआम जल रहे हैं। प्रशासन ने प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम सड़कों और पेड़-पौधों पर पानी छिड़क रहा है तथा खुले में कचरा जलाने पर निगरानी बढ़ाई गई है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को गाजियाबाद में सुबह हल्की धुंध रही। न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 28 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। रात में ठंड बढ़ने के साथ प्रदूषण का असर भी तेज हो रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें, अवैध तंदूर और खुले निर्माण संबंधी शिकायतें प्रशासन को बताएं तथा स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल करें। दिवाली नजदीक है, ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण के उपायों का सख्ती से पालन जरूरी है। यह खबर उपलब्ध ताजा रिपोर्ट्स और स्थानीय जानकारी पर आधारित है। AQI स्तर समय-समय पर बदल सकते हैं।

