अमेरिका के 2026 मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने दो महत्वपूर्ण सीनेट सीटें रिपब्लिकन पार्टी से छीन ली हैं। नॉर्थ कैरोलिना और साउथ कैरोलिना दोनों दक्षिणी राज्यों में डेमोक्रेट्स की जीत ने सीनेट के नियंत्रण की लड़ाई को रोमांचक बना दिया है। प्रमुख मीडिया आउटलेट्स के प्रोजेक्शन के अनुसार, नॉर्थ कैरोलिना में पूर्व गवर्नर रॉय कूपर ने ट्रंप समर्थित रिपब्लिकन माइकल व्हैटली को हराया, जबकि साउथ कैरोलिना में बाल रोग विशेषज्ञ ऐनी एंड्रयूज ने दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम की बहन डार्लीन ग्राहम को मात दी।
नॉर्थ कैरोलिना: 18 साल बाद डेमोक्रेटिक जीत
नॉर्थ कैरोलिना की खुली सीनेट सीट पर रॉय कूपर (69) की जीत निर्णायक रही। पूर्व दो-बार गवर्नर कूपर ने माइकल व्हैटली (पूर्व आरएनसी चेयरमैन और ट्रंप के करीबी) को लगभग 58-60 प्रतिशत वोटों के साथ हराया। यह सीट रिटायर हो रहे रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस की थी, जिन्होंने ट्रंप की नीतियों से मतभेद के बाद तीसरी बार चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था।
कूपर का अभियान “Make Stuff Cost Less” (चीजें सस्ती बनाओ) पर केंद्रित था। उन्होंने भोजन, ऊर्जा और आवास की बढ़ती कीमतों के मुद्दे को प्रमुखता दी। यह नॉर्थ कैरोलिना में 2008 के बाद पहली बार डेमोक्रेटिक सीनेटर की जीत है। कूपर ने विजय भाषण में वाशिंगटन की “अराजकता और भ्रष्टाचार” का मुकाबला करने तथा ईरान के खिलाफ युद्ध समाप्त करने का वादा किया।
साउथ कैरोलिना: 28 साल बाद ऐतिहासिक उलटफेर
साउथ कैरोलिना में ऐनी एंड्रयूज की जीत और भी चौंकाने वाली है। यह राज्य 1998 के बाद पहली बार डेमोक्रेट को सीनेट में भेज रहा है। एंड्रयूज ने डार्लीन ग्राहम को करीब 51-47 प्रतिशत वोटों से हराया। डार्लीन ग्राहम को जुलाई में भाई लिंडसे ग्राहम की अचानक मृत्यु के बाद गवर्नर हेनरी मैकमास्टर ने सीट सौंपी थी और ट्रंप ने उनका समर्थन किया था।
एंड्रयूज, जो बाल रोग विशेषज्ञ और तीन बच्चों की मां हैं, ने स्वास्थ्य सेवा की पहुंच, किफायती देखभाल और वाशिंगटन के भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाया। उन्होंने खुद को मध्यमार्गी और स्वतंत्र आवाज के रूप में पेश किया। कई रिपब्लिकन और स्वतंत्र मतदाताओं का समर्थन हासिल करने में वे सफल रहीं। यह जीत ट्रंप के लिए विशेष रूप से नुकसानदेह है, क्योंकि उन्होंने 2024 में इस राज्य को लगभग 18 अंकों से जीता था।
सीनेट नियंत्रण की लड़ाई में बड़ा महत्व
चुनाव से पहले रिपब्लिकनों के पास सीनेट में 53-47 का बहुमत था। डेमोक्रेट्स को नियंत्रण हासिल करने के लिए नेट चार सीटों की जरूरत है। नॉर्थ और साउथ कैरोलिना की ये दो फ्लिप उन्हें उस लक्ष्य के करीब ले आई हैं। अन्य प्रतिस्पर्धी राज्यों में भी नतीजे आ रहे हैं।
ये नतीजे ट्रंप प्रशासन की नीतियों—विशेषकर महंगाई, ऊर्जा कीमतों और विदेश नीति के खिलाफ मतदाताओं की नाराजगी को दर्शाते हैं। मिडटर्म चुनावों में सत्ताधारी दल का नुकसान होना ऐतिहासिक रुझान रहा है, और 2026 में यह रुझान स्पष्ट दिख रहा है।दोनों जीत डेमोक्रेट्स के लिए मनोवैज्ञानिक बढ़ावा देने वाली हैं। कूपर और एंड्रयूज जैसे मध्यमार्गी उम्मीदवारों की सफलता से पार्टी को दक्षिणी राज्यों में भी संभावनाएं दिख रही हैं। वहीं रिपब्लिकन पक्ष में ट्रंप-समर्थित उम्मीदवारों की हार चिंता का विषय बन गई है। नतीजे मीडिया प्रोजेक्शन पर आधारित हैं। अंतिम आधिकारिक गणना जारी है।

