लखनऊ/नोएडा। भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का असर अब बाजार में दिखाई देने लगा है। समझौते के तहत यूके से भारत आने वाली विदेशी मदिरा यानी इंपोर्टेड शराब की कीमतों में बड़ी कमी हुई है। नई कीमतों के मुताबिक अलग-अलग ब्रांड की शराब पर 20 रुपये से लेकर 3,290 रुपये तक की कमी की गई है। उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग ने भी संशोधित एमआरपी के साथ इन ब्रांडों की बिक्री को मंजूरी देना शुरू कर दिया है।
FTA के बाद कम हुई कस्टम ड्यूटी
भारत और यूके के बीच मुक्त व्यापार समझौता 15 जुलाई 2026 से पूरी तरह प्रभावी हुआ। इसके तहत यूके से आयात होने वाले कई उत्पादों पर शुल्क में कमी की गई है। इसी क्रम में ब्रिटेन से आने वाली शराब पर लागू कस्टम ड्यूटी को 150 प्रतिशत से घटाकर 75 प्रतिशत किया गया है।
कस्टम ड्यूटी में इस कमी का सीधा असर यूके से भारत आने वाली इंपोर्टेड शराब की कीमतों पर पड़ा है। आयात लागत कम होने के बाद कंपनियों ने कई ब्रांड की नई एमआरपी तय की है।
20 रुपये से 3290 रुपये तक सस्ती हुई शराब
नई कीमतों में अलग-अलग ब्रांड के हिसाब से बड़ी कटौती की गई है। कुछ शराब की बोतलों की कीमत में जहां केवल 20 रुपये की कमी हुई है, वहीं प्रीमियम और महंगे ब्रांडों की कीमतों में 3,290 रुपये तक की कमी देखने को मिली है।
इसका मतलब है कि यूके से आने वाली महंगी विदेशी शराब खरीदने वाले उपभोक्ताओं को नई एमआरपी लागू होने के बाद काफी राहत मिल सकती है।
UP आबकारी विभाग ने 8 से 10 ब्रांड को दी अनुमति
उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग की ओर से अब तक करीब 8 से 10 यूके इंपोर्टेड शराब ब्रांडों को नई कीमतों पर बिक्री की अनुमति दी जा चुकी है। अनुमति मिलने के बाद जिले में बिकने वाले प्रमुख ब्रांड नई कीमतों के साथ उपलब्ध होना शुरू हो गए हैं।
हालांकि सभी ब्रांड एक साथ दुकानों पर नहीं पहुंचेंगे। इसके लिए पुराने स्टॉक को लेकर आबकारी विभाग ने स्पष्ट व्यवस्था लागू की है।
पुराना स्टॉक खत्म होने के बाद ही नई कीमत वाली शराब
नई एमआरपी को लेकर सबसे अहम नियम यह है कि दुकानदारों को पहले पुराना स्टॉक समाप्त करना होगा। पुराना स्टॉक पुरानी एमआरपी पर ही बेचा जाएगा। इसके खत्म होने और उसका प्रमाण पत्र दिए जाने के बाद ही दुकानों को नई कीमत वाली शराब का स्टॉक उपलब्ध कराया जाएगा। आबकारी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद यूके से आने वाली सभी संबंधित विदेशी मदिरा नई एमआरपी के साथ बाजार में उपलब्ध होने लगेगी।
10 दिन में अधिकांश ब्रांड नई कीमतों पर मिलने की उम्मीद
आबकारी विभाग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले 10 दिनों के भीतर यूके से आने वाले अधिकांश ब्रांड नई कीमतों के साथ प्रदेश की शराब दुकानों पर उपलब्ध होने की उम्मीद है। हालांकि किसी विशेष ब्रांड की उपलब्धता पुराने स्टॉक की बिक्री और कंपनी की सप्लाई पर निर्भर करेगी। ऐसे में उपभोक्ताओं को नई एमआरपी वाली बोतल खरीदते समय बोतल पर दर्ज संशोधित एमआरपी जरूर जांचनी चाहिए।
FTA का असर शराब बाजार पर भी दिखा
भारत-यूके व्यापार समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना है। अब इसके असर के तौर पर ब्रिटेन से आने वाली शराब पर आयात शुल्क कम होने से कीमतों में कमी देखने को मिल रही है।
हालांकि शराब की अंतिम खुदरा कीमत पर केवल कस्टम ड्यूटी ही नहीं, बल्कि राज्य आबकारी शुल्क, अन्य कर, आयात लागत और वितरण मार्जिन जैसे कई कारकों का भी प्रभाव पड़ता है। इसलिए हर ब्रांड में कीमत की कमी अलग-अलग हो सकती है।
उपभोक्ताओं के लिए क्या बदलेगा?
नई व्यवस्था का सबसे सीधा फायदा उन लोगों को मिलेगा जो यूके से आयात होने वाली विदेशी शराब के नियमित खरीदार हैं। खासतौर पर महंगे प्रीमियम ब्रांडों में कीमतों में हजारों रुपये की कमी होने से उपभोक्ताओं की जेब पर इसका असर दिखाई दे सकता है। हालांकि यह भी जरूरी है कि ग्राहक नई एमआरपी वाली बोतल और पुरानी एमआरपी वाले स्टॉक की कीमत में अंतर को समझें। पुराना स्टॉक नई कम कीमत पर बेचना अनिवार्य नहीं है, क्योंकि उसे पुरानी एमआरपी पर ही बेचने की अनुमति है।
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