उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों से बड़ी खबर है। लंबे समय से प्रतीक्षित प्रमोशन की सूची आखिरकार जारी हो गई है और राज्य के 29 वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में पदोन्नति मिल गई है। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की अधिसूचना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार के नियुक्ति विभाग ने मंगलवार देर रात प्रमोशन के आधिकारिक आदेश जारी कर दिए। यह प्रमोशन सूची जारी होने के बाद अब प्रांतीय पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में प्रमोट होने वाले अफसरों की सूची का भी इंतजार किया जा रहा है।
दिल्ली में हुई थी डीपीसी की अहम बैठक
आईएएस पदोन्नति को अंतिम रूप देने के लिए 10 जून को नई दिल्ली में विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक बुलाई गई थी। इसमें वर्ष 2010, 2011 और 2012 बैच के पीसीएस अधिकारियों के सेवा अभिलेख और वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियों का बारीकी से मूल्यांकन किया गया। बैठक में उत्तर प्रदेश की ओर से मुख्य सचिव एस.पी. गोयल, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार, प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक एम. देवराज तथा विशेष सचिव नियुक्ति मौजूद रहे, जबकि संघ लोक सेवा आयोग की ओर से सदस्य बी.बी. स्वैन ने भागीदारी की। दिलचस्प यह है कि शुरुआत में कुल 33 पदों पर पदोन्नति की चर्चा थी, जिसमें 2010 बैच के 8 और 2011 बैच के 21 अधिकारी यानी कुल 29 नाम पहले से तय माने जा रहे थे, जबकि शेष 4 पद रिक्त रहने की स्थिति में 2012 बैच के अधिकारियों को मौका मिलने की संभावना जताई गई थी।
किन-किन अधिकारियों को मिला प्रमोशन
पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों में डॉ. विश्राम, अशोक कुमार कनौजिया, पुष्प राज सिंह, संजय कुमार सिंह, राज कुमार द्विवेदी, राकेश कुमार पटेल, सुशीला, आलोक कुमार, वैभव मिश्रा, विवेक श्रीवास्तव, योगानंद पांडेय, प्रदीप कुमार यादव, अमित कुमार, पूनम निगम, डॉ. नितिन मदान, हर्ष देव पांडेय, शैलेन्द्र कुमार सिंह, नरेंद्र बहादुर सिंह, संतोष बहादुर सिंह, पंकज वर्मा, विजय कुमार सिंह, अतुल कुमार, अमित सिंह, प्रियंका सिंह, डॉ. सुनील कुमार वर्मा, गरिमा स्वरूप, संदीप कुमार और राकेश कुमार सिंह के नाम शामिल हैं। इनमें यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के ओएसडी शैलेन्द्र कुमार सिंह और काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट से जुड़े अधिकारी भी शामिल हैं, जो लंबे समय से महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे थे।
चार अधिकारियों का प्रमोशन फिर अटका
जहां 29 अधिकारियों की किस्मत खुली, वहीं हरीश चंद्रा, अंजू कटियार, अमर पाल और प्रभुनाथ के मामलों में लिफाफा जांच (सील्ड कवर प्रक्रिया) लंबित होने के कारण फैसला टाल दिया गया। इन अधिकारियों के मामलों पर जांच पूरी होने के बाद ही आगे विचार किया जाएगा।
अन्य कर्मचारियों को भी मिला तोहफा
आईएएस पदोन्नति के साथ ही राज्य सचिवालय में तैनात करीब 336 सहायक समीक्षा अधिकारियों को भी समीक्षा अधिकारी के पद पर प्रमोट किए जाने की तैयारी है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की संस्तुतियां सचिवालय प्रशासन विभाग को मिल चुकी हैं और इसके आदेश भी जल्द जारी होने की उम्मीद है।
योगी सरकार जल्द कर सकती है नई तैनाती
प्रमोशन के बाद अब इन नवनियुक्त आईएएस अधिकारियों की नई पोस्टिंग को लेकर चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए इन अधिकारियों को अलग-अलग जिलों और महत्वपूर्ण विभागों में तैनाती देगी। जिलों और मंडलों में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की संभावना से नौकरशाही में हलचल तेज है।
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