“AC compressor becomes a bomb: एक ही दिन में ग्रेटर नोएडा वेस्ट की दो अलग-अलग आवासीय सोसायटियों में AC कंप्रेसर फटने से आग लगने की घटनाएं सामने आईं। दोनों हादसों में जानमाल का नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन फ्लैटों का सारा सामान जलकर राख हो गया और हाई-राइज सोसायटियों में फायर सेफ्टी को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पहली घटना: माय फेयर सोसाइटी, 15वीं मंजिल
बिसरख थाना क्षेत्र की माय फेयर सोसाइटी के टावर D के फ्लैट नंबर 1501 में दोपहर करीब 3 बजे आग भड़की। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि फ्लैट के अंदर 15 साल की एक लड़की अकेली बंद थी। सोसायटी के निवासियों और कर्मचारियों ने साहस दिखाते हुए दमकल के आने से पहले ही उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। तीन दमकल गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। पूरा फ्लैट और सामान जलकर राख हो गया।
दूसरी घटना: ला रेजिडेंशिया सोसायटी, टावर-21
उसी रात करीब 12:40 बजे ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ला रेजिडेंशिया सोसायटी के टावर-21 की 12वीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में आग भड़क उठी। नोएडा फायर सर्विस के CFO प्रदीप कुमार ने बताया कि आग AC कंप्रेसर फटने से लगी। 12वीं मंजिल तक होज लाइन बिछाकर आग पर काबू पाया गया। फ्लैट में परिवार मौजूद था, लेकिन सभी सुरक्षित निकल गए। हालांकि फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स समेत सारा सामान स्वाहा हो गया।
नोएडा फायर सर्विस के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) प्रदीप कुमार ने बताया कि मौके पर पहुंचने पर जांच में सामने आया कि आग AC कंप्रेसर फटने की वजह से लगी थी। फायरकर्मियों ने 12वीं मंजिल तक होज़ लाइन बिछाकर आग को पूरी तरह काबू में कर लिया।CFO ने राहत की बात बताते हुए कहा कि इस हादसे में कोई भी घायल नहीं हुआ और न ही किसी की जान गई।
बिल्डर पर लापरवाही का आरोप
ला रेजिडेंशिया के निवासियों ने बिल्डर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सोसायटी में न स्प्रिंकलर काम कर रहे हैं, न पर्याप्त फायर सेफ्टी उपकरण उपलब्ध हैं। यह पहली घटना भी नहीं है — पहले भी बालकनी में आग और पार्किंग में खड़ी कार में आग की घटनाएं हो चुकी हैं। निवासी GNIDA और फायर विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
जांच जारी
दोनों मामलों में पुलिस व फायर विभाग ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक रिपोर्ट में AC कंप्रेसर ब्लास्ट को आग का कारण बताया जा रहा है।विशेषज्ञों की सलाह: गर्मियों से पहले AC की सर्विसिंग अवश्य कराएं — ओवरलोड और पुराने कंप्रेसर ही इन हादसों की मुख्य वजह बन रहे हैं।

