‘गैंग बस्ट ऑपरेशन 2.0’ में 23 विदेशी पिस्तौलें और 92 जिंदा कारतूस बरामद; ड्रोन से आते थे हथियार, सोशल मीडिया से मिलते थे निर्देश
राजधानी दिल्ली और उत्तर भारत में एक बड़ी आतंकी साजिश को उस समय नाकाम कर दिया गया जब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और मुंबई अंडरवर्ल्ड नेटवर्क के इशारे पर काम कर रहे एक खतरनाक मॉड्यूल का पूरी तरह भंडाफोड़ कर दिया। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (ईस्टर्न रेंज) ने उत्तर भारत में सक्रिय एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हथियार सिंडिकेट का खुलासा करते हुए 15 दिनों तक चले एक सघन और जटिल ऑपरेशन के बाद गिरोह के 9 मुख्य गुर्गों को गिरफ्तार किया। इनके पास से जिगाना और ग्लॉक जैसी 23 अत्याधुनिक विदेशी पिस्तौलें और 92 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
ऑपरेशन का ब्योरा
यह कार्रवाई ‘Gang Bust 2.0’ ऑपरेशन के तहत की गई, जिसमें दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 12 से अधिक आपराधिक गिरोहों के कुल 1014 ठिकानों पर छापेमारी की गई। स्पेशल सेल ने 14 अप्रैल से 24 अप्रैल तक चले ऑपरेशन में दिल्ली, खुर्जा, लोनी, जौनपुर और सिकंदराबाद जैसे इलाकों से आरोपियों को दबोचा। 48 घंटे तक चले इस अभियान में कुल 481 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, और ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने 130 पिस्टल, 214 कारतूस, 79 चाकू, करीब 19 किलो अवैध ड्रग्स, 1234 क्वार्टर अवैध शराब, 24 वाहन और लगभग 19 लाख रुपये नकद बरामद किए।
शहजाद भट्टी मॉड्यूल : पाक-ISI का भारतीय हाथ इस मॉड्यूल के मास्टरमाइंड पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी ने सोशल मीडिया के जरिए इन आरोपियों को गाइड किया और उनका उपयोग आतंकवादी गतिविधियों के लिए किया। पुलिस के अनुसार, मॉड्यूल का निशाना दिल्ली का एक ऐतिहासिक मंदिर था। आरोपियों में से एक ने मंदिर की रेकी की थी और वहां तैनात पुलिसकर्मियों व अर्धसैनिक बलों पर गोलीबारी की योजना बनाई गई थी। मंदिर की तस्वीरें और अन्य जानकारियां पाकिस्तान में बैठे सोशल मीडिया हैंडलर्स को भेजी गई थीं। जांच में यह भी सामने आया कि दिल्ली-सोनीपत हाईवे पर स्थित एक प्रसिद्ध ढाबे पर हैंड ग्रेनेड से हमला करने की साजिश रची गई थी, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं। इसके अलावा हिसार के एक सैन्य कैंप की रेकी कर वीडियो पाकिस्तान भेजे गए थे। मॉड्यूल के निशाने पर उत्तर प्रदेश के कुछ पुलिस स्टेशन और वहां तैनात पुलिसकर्मी भी थे।
पाकिस्तान से ड्रोन और नेपाल रूट
गिरोह पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार मंगवाता था, जिन्हें नेपाल बॉर्डर के रास्ते भारत में तस्करी किया जाता था। इसके बाद इन हथियारों की दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के अपराधियों तक आपूर्ति की जाती थी।पकड़े गए अपराधी पुलिस की निगरानी से बचने के लिए सिग्नल और व्हाट्सएप जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्स का उपयोग करते थे। पकड़े गए आरोपी और अभी भी फरार मास्टरमाइंड सिंडिकेट का मास्टरमाइंड शाहबाज अंसारी है, जो एक NIA केस में पैरोल जंप कर फरार है। गिरोह में रेहान अंसारी लॉजिस्टिक्स और पैसों का लेनदेन संभालता था। वसीम मलिक जैसे कुख्यात अपराधी, जो जेल में रहते हुए भी अपना नेटवर्क चला रहे थे, इस पूरे खेल का अहम हिस्सा थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मोहम्मद अहमद, वसीक, राहिल, इमरान, फरदीन, अमन और विशाल शामिल हैं, जिन पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और आगे की जांच
पुलिस को आरोपियों से कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और संदिग्ध दस्तावेज भी मिले हैं, जिनसे पाक कनेक्शन के सबूत सामने आए हैं। इन उपकरणों की जांच से खुलासा हुआ कि उन्हें पाकिस्तान से हथियार और फंडिंग मिली थी। स्पेशल सेल अब इस पूरे नेटवर्क के बाकी सदस्यों के साथ-साथ अंडरवर्ल्ड से संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का बयान
एडिशनल सीपी (स्पेशल सेल) प्रमोद सिंह कुशवाहा ने जानकारी दी कि यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था।उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई से न केवल एक सक्रिय आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त किया गया है, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा को एक बड़े खतरे से भी बचाया गया है। पुलिस अब उन अंतरराष्ट्रीय रास्तों और संदिग्धों की गहन जांच कर रही है जो इस सिंडिकेट को विदेशी हथियार मुहैया करा रहे थे।
पृष्ठभूमि : बढ़ते पाक-ISI नेटवर्क पर शिकंजा
इससे पहले भी दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और बब्बर खालसा इंटरनेशनल के प्रायोजित आतंक, हथियार और जासूसी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था और पंजाब व दिल्ली से 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के ऑपरेशन यह साबित करते हैं कि पाकिस्तान ड्रोन, सोशल मीडिया और भूमिगत अपराध नेटवर्क के जरिए भारत में अस्थिरता फैलाने की कोशिश को कभी बंद नहीं करता।दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई को देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण सफलता बताया है। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

