नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर-63 स्थित D-140 पर एक गारमेंट्स कंपनी में शनिवार को भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते आसपास की दो अन्य कंपनियों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की विकराल लपटें और घना धुआं दूर-दूर तक नजर आया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
कैसे लगी आग?
आग लगने के कारण प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट बताए जा रहे हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रशासन वास्तविक कारणों की जांच में जुटा हुआ है।
आग का भयावह रूप
आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और तेज लपटें व घना धुआं देखकर आसपास के लोग परेशान हो गए। सेक्टर-63 के इस व्यस्त औद्योगिक इलाके में आग की सूचना मिलते ही चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग इतनी तेजी से फैली कि D-140 स्थित मुख्य कंपनी के अलावा दो पड़ोसी कंपनियाँ भी इसकी जद में आ गईं।
पुलिस और फायर विभाग की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटनास्थल पर अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में राहत एवं बचाव कार्य चलाया गया। दमकल विभाग की गाड़ियों और कर्मचारियों ने समन्वय के साथ अथक प्रयास करते हुए आग को और अधिक फैलने से रोका। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह बुझाकर स्थिति नियंत्रित की गई।
जनहानि नहीं, लेकिन संपत्ति को भारी नुकसान
राहत की बात यह रही कि इस अग्निकांड में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग की चपेट में आने से लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। जले हुए सामान का आकलन किया जा रहा है।
प्रशासन सतर्क, जांच जारी
आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है, और प्रशासन इसकी जांच में जुटा हुआ है। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है तथा फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। संबंधित कंपनियों के अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है।
पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में अग्निकांड की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक क्षेत्र में एक कॉस्मेटिक आइटम बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लग चुकी है, जिसमें शॉर्ट सर्किट को कारण बताया गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक इकाइयों में अग्निशमन व्यवस्था की नियमित जांच और बिजली के तारों का उचित रखरखाव अत्यंत आवश्यक है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और प्रभावित कंपनियों को हुए नुकसान का पूरा ब्यौरा तैयार किया जा रहा है।

