ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क कोतवाली क्षेत्र में स्थित सीताराम एसआरएम इंस्टीट्यूट के निर्माणाधीन हॉस्टल परिसर में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे से भी कम समय में पर्दाफाश कर दिया। मुख्य संदिग्ध अभिषेक को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
क्या है पूरा मामला?
डीसीपी जोन तृतीय डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने बताया कि मेरठ निवासी शीशपाल (42 वर्ष), इंदर (45 वर्ष) और अभिषेक नामक तीन लोग तीन दिन पहले सीताराम इंस्टीट्यूट के पास स्थित निर्माणाधीन हॉस्टल में माली का काम करने आए थे। तीनों हॉस्टल परिसर में बने एक कमरे में रह रहे थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि घटना से पहले मजदूरों के बीच शराब पार्टी हुई थी। इसके बाद किसी बात को लेकर उनके बीच विवाद बढ़ गया। डीसीपी के अनुसार बीती रात तीनों ने साथ बैठकर खाना खाया था और इसी दौरान विवाद हो गया। शुक्रवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि कमरे में दो लोग मृत अवस्था में पड़े हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने इंदर और शीशपाल के शव बरामद किए, जबकि अभिषेक मौके से फरार मिला।
कैसे हुई हत्या?
प्रारंभिक जांच में आपसी झगड़े के बाद किसी ब्लंट ऑब्जेक्ट (भारी वस्तु) से सिर पर चोट लगने की बात सामने आई है। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए।
पुलिस की कार्रवाई और एनकाउंटर
डीसीपी ने जानकारी दी कि हत्यारे की पहचान कर ली गई थी और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें गठित कर दी गई थीं। घटना के खुलासे और गिरफ्तारी के लिए दो विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया था तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही थी। अंततः पुलिस ने सघन सर्च ऑपरेशन चलाते हुए फरार अभिषेक को ट्रेस किया। भागने की कोशिश के दौरान मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी अभिषेक के पैर में गोली लग गई। घायल अवस्था में उसे गिरफ्तार कर तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
पुलिस का बयान
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी अभिषेक से अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ के बाद विस्तृत पूछताछ की जाएगी। यह भी जांच की जा रही है कि इस हत्याकांड में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। पुलिस पुरानी रंजिश के कोण को भी ध्यान में रखकर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। यूपी पुलिस ने इस त्वरित कार्रवाई से स्पष्ट संकेत दिया है कि अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।

