कोलकाता नग्न परेड कांड: पुलिस ने आरोपियों से कराया घटनास्थल का पुनर्निर्माण, शॉर्ट्स में चलाया

कोलकाता: दक्षिण-पश्चिम कोलकाता के बेहाला के सरसुना इलाके में एक किशोर युवक, उसके पिता और उसके दोस्त को कथित रूप से नग्न करके सड़क पर परेड कराने के मामले में कोलकाता पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार आरोपियों से घटनास्थल का पुनर्निर्माण कराया। पुलिस ने आरोपियों को केवल शॉर्ट्स पहनाकर बेहाला की सड़कों पर चलाया, ताकि उनके द्वारा की गई कथित कार्रवाई का क्रम समझा जा सके।पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई घटना की तस्वीरें, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर अपराध की परिस्थितियों तथा प्रत्येक आरोपित की भूमिका की पुष्टि के लिए की गई। आरोपी लड़की के पिता, मां और मामा सोमवार को गिरफ्तार किए गए थे; बाकी संदिग्धों की तलाश में छापेमारी जारी है।

क्या हुआ था?

पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, 25 अक्टूबर को बेहाला के बसुंधरा पार्क इलाके में खलपार माठ के पास एक 18 वर्षीय युवक अपने 19 वर्षीय दोस्त के साथ अपनी 13 वर्षीय प्रेमिका से मिलने गया था। आरोप है कि दोनों की बातचीत के दौरान युवक ने लड़की को किस किया, जिसे लड़की के मामा के एक परिचित ने देख लिया और परिवार को सूचना दी। इसके बाद लड़की के पिता और मामा ने आरोप है कि युवक और उसके दोस्त को एक कमरे में बंद कर पीटा। युवक के पिता को भी बुलाया गया और तीनों को कथित तौर पर बंदूक की धमकी देकर कपड़े उतरवाए गए। फिर उन्हें लगभग 50 मीटर तक नग्न अवस्था में गली में चलने के लिए मजबूर किया गया।

FIR और कार्रवाई

पीड़ित युवक के पिता की शिकायत पर सरसुना थाने में भारतीय न्याय संहिता की हत्या के प्रयास, सामूहिक मारपीट, गंभीर चोट, अवैध बंधक, जबरन वसूली, आपराधिक धमकी, अपहरण और संगठित अपराध से जुड़ी धाराओं के साथ-साथ आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।गिरफ्तार आरोपियों में लड़की के पिता प्रदीप सरकार, मां रिंकू सरकार और मामा राहुल बर्मन उर्फ भुलू शामिल हैं। पुलिस ने कहा कि घटना के वीडियो की प्रामाणिकता की जांच के साथ ही सीसीटीवी फुटेज एकत्र की जा रही है और स्थानीय गवाहों से पूछताछ की जाएगी।

इलाके में तनाव

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। कुछ लोगों ने लड़की के घर के बाहर तोड़फोड़ का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति नियंत्रित की। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी विवाद में कानून अपने हाथ में लेना गंभीर अपराध है और जांच में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।

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