नई दिल्ली। दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दोनों नेताओं को गुरुवार को राजौरी गार्डन स्थित अपने कार्यालय में पेश होने के लिए समन भेजा है। इससे एक दिन पहले ही दोनों नेताओं को दिल्ली की स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट से जमानत मिली थी। अब पुलिस के समन के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं।
50-50 हजार रुपये के बॉन्ड पर मिली जमानत
जानकारी के मुताबिक, सौरव दास और आशुतोष रांका को बुधवार को SEM कोर्ट से जमानत मिली। दोनों को 50-50 हजार रुपये के बॉन्ड पर रिहा किया गया। दिल्ली पुलिस ने दोनों नेताओं को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया था।
अब क्राइम ब्रांच ने दोनों को गुरुवार को अपने कार्यालय में पेश होने के लिए समन भेजा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में समन जारी करने के पीछे पुलिस की ओर से बताए गए विस्तृत कारणों का उल्लेख नहीं है।
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके की सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में
इस पूरे घटनाक्रम के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके की सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा में है। अभिजीत दीपके ने पोस्ट में सौरव दास और आशुतोष रांका को अपने से बेहतर और बड़ा नेता बताया।
उन्होंने कहा कि अगर दोनों नेता कुछ कहेंगे तो वह उनकी बात मानेंगे। अभिजीत दीपके के इस बयान को पार्टी के भीतर दोनों नेताओं के प्रति उनके सम्मान के तौर पर देखा जा रहा है।
13 अक्टूबर के प्रदर्शन के बाद से चर्चा में CJP
जंतर-मंतर पर 13 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के दौरान सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिए जाने के बाद यह मामला चर्चा में आया था। जमानत मिलने के अगले ही दिन क्राइम ब्रांच की ओर से समन जारी किए जाने से घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया है।
अब देखना होगा कि दोनों नेता क्राइम ब्रांच के सामने पेश होने के बाद क्या बयान देते हैं और पुलिस इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है। फिलहाल, समन भेजे जाने के कारणों और जांच की मौजूदा स्थिति को लेकर पुलिस का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है।

