मुंबई/नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम आर्म जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) बुधवार को इतिहास रचते हुए खुला। भारत का सबसे बड़ा IPO (लगभग 30,213 करोड़ रुपये) सार्वजनिक बोली शुरू होने के कुछ ही घंटों में पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। कुछ रिपोर्टों के अनुसार यह 40 मिनट से 100 मिनट के बीच पूर्ण रूप से बुक हो गया, जो मेगा-IPO के इतिहास में सबसे तेज सब्सक्रिप्शन में से एक है।
मूल्य बैंड 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। ऊपरी कीमत पर कंपनी का मूल्यांकन करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये बैठता है। न्यूनतम रिटेल लॉट 12 शेयर है, जिस पर ऊपरी बैंड पर निवेश करीब 13,428 रुपये बैठता है। इश्यू 21 अक्टूबर को खुला और 23 अक्टूबर को बंद होगा। आवंटन 26 अक्टूबर के आसपास होने और 28 अक्टूबर को लिस्टिंग की संभावना है।
मजबूत संस्थागत मांग
एंकर निवेशकों ने पहले ही करीब 8,110 करोड़ रुपये का आवंटन हासिल किया था। एंकर बुक में मांग 30 गुना से ज्यादा रही। सार्वजनिक निर्गम में भी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की मांग सबसे आगे रही। दोपहर तक QIB कैटेगरी 6-7 गुना तक सब्सक्राइब हो चुकी थी, जबकि कुल इश्यू 2 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हो गया। शेयरहोल्डर और कर्मचारी कोटे भी जल्दी फुल हो गए। रिटेल और नॉन-इंस्टीट्यूशनल कैटेगरी में मांग अपेक्षाकृत धीमी रही।
कंपनी ने बताया कि IPO से जुटाई जाने वाली रकम में से करीब 27,500 करोड़ रुपये रिलायंस जियो इंफोकॉम की उधारी चुकाने या प्रीपे करने में इस्तेमाल होंगे, जबकि बाकी सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए। जियो के पास जून 2026 तक 53.33 करोड़ से ज्यादा ग्राहक थे। FY26 में कंपनी की रेवेन्यू करीब 1.47 लाख करोड़ रुपये, EBITDA 76,255 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 30,049 करोड़ रुपये रहा।
रुपये को मिला सहारा, लेकिन तेल कीमतों से सतर्कता
IPO से जुड़े विदेशी पोर्टफोलियो इनफ्लो ने रुपये को मजबूती दी। बुधवार को रुपये ने डॉलर के मुकाबले करीब 0.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 94.46 के आसपास बंद किया। दिन में यह 94.43 तक पहुंचा, जो सितंबर की शुरुआत के बाद का सबसे मजबूत स्तर था। RBI के समर्थन और IPO से जुड़े डॉलर इनफ्लो ने रुपये को सातवें सत्र में मजबूती दी। हालांकि, ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहने और मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से ट्रेडर्स सतर्क बने रहे। तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव रुपये को दबाव में रख सकता है, हालांकि तेज गिरावट की संभावना कम बताई जा रही है। निफ्टी 50 भी 0.7 प्रतिशत तक कमजोर रहा।
ग्रे मार्केट प्रीमियम और ब्रोकरेज का नजरिया
ग्रे मार्केट में प्रीमियम (GMP) दिनभर में 248 से 276 रुपये के बीच रहा। ऊपरी बैंड पर यह 22-25 प्रतिशत तक संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। अधिकांश ब्रोकरेज फर्मों ने लंबी अवधि के लिए सब्सक्राइब की सलाह दी है। वे जियो की बाजार हिस्सेदारी, 5G और ब्रॉडबैंड विस्तार, ARPU वृद्धि की संभावना और कर्ज घटाने के बाद मजबूत कैश फ्लो को सकारात्मक मानते हैं। मूल्यांकन एयरटेल से तुलनात्मक रूप से आकर्षक बताया जा रहा है।
मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली जियो ने एक दशक पहले फ्री कॉल और सस्ते डेटा से टेलीकॉम बाजार को बदल दिया था। अब कंपनी खुद को टेक्नोलॉजी, AI और क्लाउड प्लेटफॉर्म के रूप में पेश कर रही है। यह IPO रिलायंस समूह के लिए पूंजी बाजार में लंबे अंतराल के बाद बड़ी वापसी है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे कंपनी के फंडामेंटल्स, बाजार जोखिम और अपनी जोखिम क्षमता को ध्यान में रखकर फैसला लें। IPO 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा।
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