रियाद। सऊदी अरब यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान की तैयारी कर रहा है। लक्ष्य पिछले महीने हूतियों द्वारा कब्जा किए गए बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य को वापस छीनना और लाल सागर के अहम शिपिंग मार्ग को सुरक्षित बनाना है। सूत्रों की रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्रीय और पश्चिमी अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान आने वाले हफ्तों में शुरू हो सकता है। जमीनी अभियान यमन की सऊदी समर्थित सेना चलाएगी, जबकि सऊदी अरब एयरस्ट्राइक से समर्थन देगा। अमेरिकी खुफिया सहायता पहले से उपलब्ध है, लेकिन सहयोगी देशों से सीधे युद्ध में शामिल होने की उम्मीद नहीं है।
अधिकारियों के मुताबिक सऊदी अरब दो विकल्पों पर विचार कर रहा है। पहला, बाब अल-मंदेब के आसपास सीमित तटीय हमला। दूसरा, व्यापक अभियान जिसमें अल-बैदा, मारीब, ताइज और अल-जौफ प्रांतों में एक साथ हमले शामिल हो सकते हैं। अभियान के पैमाने के हिसाब से 1 लाख से ज्यादा यमनी सैनिकों को मोबिलाइज किया जा सकता है। बाब अल-मंदेब लाल सागर का दक्षिणी निकास द्वार है, जो भूमध्य सागर और एशिया के बीच अहम शिपिंग रूट है। ईरान संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावित होने के बाद इसकी अहमियत और बढ़ गई है। सऊदी अधिकारियों का मानना है कि जब तक हूती इस जलडमरूमध्य पर नियंत्रण रखते हैं, तब तक उनके साथ शांति वार्ता संभव नहीं।
सऊदी अरब ने 2015 में यमन के गृहयुद्ध में हस्तक्षेप किया था। 2022 में युद्धविराम हुआ था, लेकिन इस साल हूतियों ने सऊदी जहाजों और तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले शुरू कर दिए। पिछले महीने हूतियों ने तटीय इलाकों में तेजी से आगे बढ़कर बाब अल-मंदेब पर कब्जा कर लिया था। अमेरिका खुफिया जानकारी और लक्ष्य निर्धारण में मदद कर रहा है, लेकिन सीधे एयरस्ट्राइक से इनकार कर चुका है। पाकिस्तान ने सैन्य उपकरण और सलाहकार भेजे हैं, जबकि तुर्की के ड्रोन भी इस्तेमाल हो रहे हैं। फ्रांस ने यानबू बंदरगाह की सुरक्षा के लिए रक्षात्मक सिस्टम और सैनिक भेजने की घोषणा की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अभियान का दायरा सीमित रखा जा सकता है, क्योंकि सऊदी अरब पूर्ण युद्ध से बचना चाहता है। पूर्व अमेरिकी राजदूत माइकल रैटनी ने कहा कि आदर्श रूप से यह तटीय इलाकों को वापस लेने और समुद्री यातायात सामान्य करने तक सीमित होना चाहिए। सऊदी, यमनी सरकार, हूती और अमेरिकी सैन्य प्रवक्ताओं ने अभी तक इस योजना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

