दुबई में रविवार को खेले गए एशिया कप 2026 महिला टी20 टूर्नामेंट के फाइनल में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने डिफेंडिंग चैंपियन श्रीलंका को 72 रनों के बड़े अंतर से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार खिताब अपने नाम किया। लेकिन जीत की खुशी एक बार फिर ट्रॉफी प्रेजेंटेशन सेरेमनी में हुए विवाद से फीकी पड़ गई, क्योंकि टीम इंडिया ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया।
मैच में क्या हुआ
पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने शैफाली वर्मा (39 गेंदों पर 68 रन) और स्मृति मंधाना (39 गेंदों पर 59 रन) की विस्फोटक शुरुआती साझेदारी की बदौलत 20 ओवर में 183/5 का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में श्रीलंका की टीम श्री चरणी और दीप्ति शर्मा की शानदार गेंदबाजी के आगे सिर्फ 111 रन पर सिमट गई, जिससे भारत ने 72 रनों की बड़ी जीत दर्ज की और लगातार अजेय रहते हुए खिताब जीता।
ट्रॉफी विवाद: पुरुष टीम की कहानी फिर दोहराई गई
जीत के बाद हुए प्रेजेंटेशन समारोह में नकवी मौजूद थे, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने उनके हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। यह ठीक वैसा ही मामला है जैसा पिछले साल सितंबर 2025 में पुरुष एशिया कप फाइनल में हुआ था, जब सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने पाकिस्तान को हराने के बावजूद नकवी से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था और समारोह करीब एक घंटे तक टलता रहा था। उस समय नकवी ट्रॉफी अपने साथ ले गए थे और भारतीय टीम को बिना असली ट्रॉफी के ही जश्न मनाना पड़ा था। महिला टीम के मामले में भी संकेत मिल रहे हैं कि BCCI की ओर से पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम जीत की स्थिति में नकवी के हाथों ट्रॉफी स्वीकार न करे। हालांकि इस बारे में BCCI की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
टूर्नामेंट भर तनाव का माहौल
पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव साफ नजर आया। ग्रुप स्टेज में भारत ने पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी थी, जहां पाकिस्तानी टीम महज 55 रन पर ऑलआउट हो गई थी। भारत-पाकिस्तान मैचों के दौरान टॉस और मैच के बाद हाथ न मिलाने जैसी घटनाएं भी सामने आई थीं, जो दोनों देशों के बीच बढ़ती राजनीतिक तल्खी का असर क्रिकेट मैदान पर दिखाती हैं।
पहले क्या हुआ था — पुरुष एशिया कप का पूरा घटनाक्रम
गौरतलब है कि पिछले साल के पुरुष एशिया कप विवाद के बाद ट्रॉफी लंबे समय तक ACC के दुबई मुख्यालय में ही पड़ी रही थी। BCCI सचिव जय शाह सहित कई अधिकारियों ने नकवी से ट्रॉफी सौंपने का औपचारिक अनुरोध किया था, लेकिन नकवी ने शर्त रखी थी कि BCCI का कोई प्रतिनिधि दुबई आकर स्वयं ट्रॉफी लेकर जाए, जिसे BCCI ने ठुकरा दिया था। बाद में नकवी ने सार्वजनिक रूप से यह भी कहा था कि वे किसी को माफी नहीं मांगेंगे और भारतीय टीम चाहे तो ACC कार्यालय आकर ट्रॉफी ले जा सकती है।
आगे क्या
फिलहाल महिला एशिया कप की ट्रॉफी को लेकर भी वही अनिश्चितता बनी हुई है जो पुरुष टूर्नामेंट के बाद देखी गई थी। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह मामला भी लंबा खिंचेगा या आने वाले दिनों में BCCI और ACC के बीच किसी समझौते के जरिए सुलझ जाएगा। भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों और खेल जगत की निगाहें अब इस पर टिकी हैं कि ट्रॉफी आखिरकार टीम इंडिया तक कब और कैसे पहुंचती है।
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