Yamuna Authority: यमुना प्राधिकरण साकार कर रहा पीएम मोदी का ‘सप्तर्षि विजन’, सीईओ ने बताया 2047 का रोडमैप

Yamuna Authority: यीडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में विकास की रफ्तार लगातार तेज होती जा रही है। देसी कंपनियों के साथ-साथ अब विदेशी कंपनियां भी इस क्षेत्र में निवेश को लेकर गहरी दिलचस्पी दिखा रही हैं। प्राधिकरण के भविष्य के विजन और रणनीति को लेकर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राकेश कुमार सिंह ने विस्तार से जानकारी साझा करते हुए 2047 तक का रोडमैप सामने रखा।

नई तकनीक वाली कंपनियों पर फोकस

सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि प्राधिकरण की प्राथमिकता है कि यीडा क्षेत्र में अधिक से अधिक नवीनतम तकनीक से लैस कंपनियां निवेश करें, ताकि नए भारत के निर्माण में इनका ठोस योगदान सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सप्तर्षि विजन’ को धरातल पर उतारने के लिए प्राधिकरण पूरी गंभीरता से काम कर रहा है। एग्रीकल्चर, तकनीक और फूड इंडस्ट्रीज सहित इस विजन से जुड़े सभी क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

जापानी कंपनियों की बड़ी दिलचस्पी

सीईओ ने बताया कि जापान की कई कंपनियां अब भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी कर यीडा क्षेत्र में बड़े स्तर की इकाइयां स्थापित करने जा रही हैं। उनके मुताबिक आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में रोजगार के अवसरों की भरमार होगी और निवेश के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियां कतार में खड़ी नजर आएंगी।

सीएम योगी का विजन भी हो रहा साकार

राकेश कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन को साकार करने की दिशा में भी प्राधिकरण लगातार अग्रसर है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट है, जिसका लाभ सिर्फ एक-दो जिलों तक सीमित नहीं, बल्कि दर्जनों जिलों को मिलेगा।

रक्षा शक्ति, गति शक्ति और सॉफ्ट पावर पर काम

सीईओ ने बताया कि प्राधिकरण रक्षा शक्ति, गति शक्ति और सॉफ्ट पावर जैसे क्षेत्रों में भी लगातार काम कर रहा है। इसके साथ ही विश्वस्तरीय बस टर्मिनल के निर्माण की योजना भी आगे बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा बुलेट ट्रेन और रैपिड रेल के जरिए क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी देने की योजना को भी जमीन पर उतारा जा रहा है।

विदेशी कंपनियों के वेंचर का स्वागत

सीईओ राकेश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि कोई विदेशी कंपनी भारतीय कंपनी के साथ वेंचर बनाकर यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में इकाई स्थापित करना चाहती है, तो उसका पूरा स्वागत है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण चाहता है कि देश में नई तकनीक के साथ-साथ निवेश भी आए, क्योंकि निवेश आने से तरक्की होगी और स्थानीय लोगों सहित युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा।

निष्क्रिय भूखंडों पर सख्ती की तैयारी

प्राधिकरण अब उन औद्योगिक भूखंडों की सूची तैयार कर रहा है जिन पर न तो लीज डीड कराई गई है और न ही यूनिट स्थापित की गई है। ऐसे सभी भूखंडों को चिन्हित कर जल्द ही आवंटियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। प्राधिकरण ने साफ किया है कि नियमों का पालन न करने पर संबंधित भूखंड रद्द भी किए जा सकते हैं। ऐसे में आवंटियों को सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द अपनी इकाई को फंक्शनल कराएं।

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