ई-सिम ठगी मॉड्यूल का पदार्फाश, दो आरोपी गिरफ्तार

New Delhi news  दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने ई-सिम टेकओवर के जरिए साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पदार्फाश करते हुए पश्चिम बंगाल के दुगार्पुर से अंकित दास और सुबल दास को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 44 मोबाइल फोन, कई सिम/ई-सिम प्रोफाइल तथा टेलीकॉम सेवा प्रदाता के नाम वाली टी-शर्ट और कैप बरामद की गई है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी टेलीकॉम कंपनी के कर्मचारी बनकर लोगों को सिम को ई-सिम में बदलने या अपग्रेड करने का झांसा देते थे। इसके बाद पीड़ित का मोबाइल नंबर अपने नियंत्रण वाले उपकरण पर सक्रिय कर ओटीपी और बैंकिंग प्रमाणीकरण तक पहुंच बनाते और रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर देते थे। इसी तरीके से एक शिकायतकर्ता से करीब 40.09 लाख रुपये की ठगी की गई।
जांच में सामने आया कि आरोपी रोजाना करीब 200 संभावित पीड़ितों को फोन करते थे। मुख्य आरोपी अंकित दास तकनीकी संचालन और रकम के हस्तांतरण में भूमिका निभाता था, जबकि उसका चचेरा भाई सुबल दास पीड़ितों से बातचीत कर ठगी में मदद करता था। पूछताछ में अंकित ने इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन को दामोदर नदी में फेंकने की बात भी बताई।
एनसीआरपी पोर्टल पर जांच के दौरान अंकित दास का संबंध अब तक 124 साइबर ठगी शिकायतों से सामने आया है। ये मामले कई राज्यों से जुड़े हैं और सूचीबद्ध शिकायतों में दर्ज रकम का कुल योग करीब 100 करोड़ रुपये बताया गया है। पुलिस मामले में मनी ट्रेल की जांच और अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
कार्रवाई टीम का नेतृत्व निरीक्षक संदीप सिंह ने किया। कार्रवाई सहायक पुलिस आयुक्त स्वागतराजकुमार पाटिल की निगरानी में हुई। डीसीपी क्राइम-5 आदित्य गौतम ने बताया कि मामले की आगे जांच जारी है।

New Delhi news

यहां से शेयर करें