New Delhi news दिल्ली पुलिस की सेंट्रल जिला साइबर पुलिस ने चोरी के मोबाइल फोन के जरिए बैंक खातों से रकम उड़ाने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पदार्फाश करते हुए नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जयपुर, मेरठ और गाजियाबाद में एक साथ कार्रवाई कर फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया। आरोपियों के कब्जे से चार लैपटॉप, दो टैब, 52 मोबाइल फोन, 145 सिम कार्ड, 70 डेबिट कार्ड, 13 बैंक पासबुक, छह पीओएस मशीन, चार इंटरनेट राउटर और चार लाख रुपये नकद बरामद किए गए।
मामले की शुरूआत पश्चिम पटेल नगर निवासी 88 वर्षीय बुजुर्ग का मोबाइल चोरी होने के बाद हुई। 19 मई को मोबाइल चोरी हुआ और 21 मई को नया सिम जारी कराने के बाद बुजुर्ग को पता चला कि उनके केनरा बैंक खाते से तीन लेन-देन के जरिए 70 हजार रुपये निकाल लिए गए हैं। शिकायत मिलने पर साइबर पुलिस ने जांच शुरू की।
जांच में पता चला कि गिरोह दो स्तर पर काम कर रहा था। पहले स्तर पर मोबाइल चोरी किए जाते थे, जबकि दूसरे स्तर पर मेरठ और गाजियाबाद में मौजूद सदस्य म्यूल बैंक खाते, सिम और पीओएस मशीन उपलब्ध कराते थे। जयपुर में संचालित कॉल सेंटरनुमा ठिकाने से मुख्य आरोपी पीड़ितों के बैंक खातों में सेंध लगाकर रकम म्यूल खातों में भेजता और पीओएस मशीनों व आॅनलाइन माध्यम से रकम निकालता था।
तकनीकी और वित्तीय जांच के आधार पर पुलिस ने जयपुर के झोटवाड़ा में छापा मारकर मुख्य आरोपी निखिल सोनी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं, मेरठ और गाजियाबाद में कार्रवाई कर म्यूल खातों की सप्लाई करने वाले चार आरोपियों को पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार बरामद डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच जारी है और गिरोह से जुड़े 19 साइबर अपराध मामलों का भी पता चला है।
पुलिस की सलाह: मोबाइल चोरी या गुम होने पर तत्काल सिम बंद कराएं और सीईआईआर पोर्टल पर हैंडसेट का आईएमईआई ब्लॉक कराएं। बैंक खाते से अनधिकृत लेन-देन होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें या साइबर अपराध पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज कराएं।
New Delhi news

