Kerala YouTuber: केरलम पुलिस ने सोमवार को राइट विंग कमेंटेटर और यूट्यूबर टीजी मोहनदास को गिरफ्तार कर लिया। उन पर आरोप है कि उन्होंने NEET पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को लेकर विवादित बयान दिया था। पुलिस ने जांच के लिए उनके डिजिटल डिवाइस भी जब्त कर लिए हैं।
पुलिस के अनुसार, मोहनदास ने 24-25 जुलाई को अपने यूट्यूब चैनल ‘पथरिका’ पर आपत्तिजनक वीडियो अपलोड किए थे। इन वीडियो में उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों पर अत्यंत आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और कहा कि प्रदर्शन में शामिल होने वालों को उकसाया जा सकता है, लेकिन इसकी शिकायत नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि वे अधिकार में होते तो जंतर-मंतर पर कर्फ्यू लगाकर प्रदर्शनकारियों को हटने का आदेश देते, और न मानने पर फायरिंग का आदेश देते।
शिकायत के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस को मिली शिकायत में आरोप लगाया गया कि इन वीडियो का मकसद लोगों में डर और अशांति फैलाना था। इसके बाद पुलिस टीम रविवार देर रात कोच्चि स्थित मोहनदास के घर पहुंची और उन्हें आधी रात को तिरुवनंतपुरम साइबर पुलिस स्टेशन लाया गया, जहां औपचारिक रूप से उनकी गिरफ्तारी हुई। उन्हें सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस उनके यूट्यूब अकाउंट की भी जांच कर रही है। वीडियो बनाने और अपलोड करने में इस्तेमाल किए गए डिजिटल उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ऑपरेटरों से विवादित वीडियो हटाने का अनुरोध भी किया गया है।
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस
मोहनदास के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), आईटी एक्ट और केरल पुलिस एक्ट की कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। इनमें दंगा भड़काने की कोशिश और झूठी जानकारी या अफवाह फैलाने जैसे आरोप शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान और धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
थाने और कोर्ट के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई
रविवार को हिरासत में लिए जाने के दौरान मोहनदास के कोच्चि स्थित घर के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक जमा हो गए थे। इसे देखते हुए पुलिस ने तिरुवनंतपुरम साइबर पुलिस स्टेशन और संबंधित कोर्ट परिसर के आसपास भीड़ या प्रदर्शन की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
गृह मंत्री बोले- नियमानुसार हुई गिरफ्तारी
केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मोहनदास के खिलाफ शिकायत मिलते ही इसे तुरंत साइबर सेल के आईजी को भेज दिया गया था और उनकी गिरफ्तारी पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई है।
भाजपा पार्षद ने बताया राजनीतिक ड्रामा
वहीं दूसरी ओर, कोच्चि की भाजपा वार्ड पार्षद प्रिया प्रशांत ने इस गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि मोहनदास पर लगाई गई धाराओं में अधिकतम तीन साल से कम की सजा का प्रावधान है, और ऐसे मामलों में गिरफ्तारी अनिवार्य नहीं होती। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को कांग्रेस को खुश करने के लिए किया गया राजनीतिक ड्रामा करार दिया।

