Noida Child PGI Park: चाइल्ड पीजीआई पार्क में झूले के पास लोहे की ग्रिल में उतरा करंट, 7 साल के बच्चे की हालत गंभीर, बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप

Noida Child PGI Park: नोएडा, चाइल्ड पीजीआई पार्क में झूले के पास लोहे की ग्रिल में उतरा करंट, 7 साल के अभिराज की हालत गंभीर, बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप| नोएडा के सेक्टर 30 स्थित चाइल्ड पीजीआई परिसर में बुधवार शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसने अस्पताल प्रशासन और बिजली विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिसर के स्टाफ क्वार्टर से सटे पार्क में खेल रहा 7 वर्षीय मासूम अभिराज करंट की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया। हादसे के बाद उसे तुरंत अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

कैसे हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, बुधवार शाम करीब 6:30 से 7 बजे के बीच तीसरी कक्षा में पढ़ने वाला अभिराज पार्क में अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान उसने पार्क में लगी लोहे की ग्रिल को छुआ, जिसमें करंट उतर रहा था। बताया जा रहा है कि पार्क में लगे बिजली के खंभे का एक तार खुला हुआ था, जिससे सीधे ग्रिल और वहां लगी जाली में करंट प्रवाहित हो रहा था। करंट लगते ही अभिराज ग्रिल से चिपक गया। इस दौरान साथ खेल रहे बच्चों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत उसकी मदद की। उन्होंने गेंद, चप्पल और डंडे के सहारे अभिराज को ग्रिल से अलग किया, जिससे उसकी जान बचाई जा सकी। घटना के तुरंत बाद उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है।

मां का लापरवाही का आरोप, अस्पताल में हंगामा

अभिराज की मां दिशा गुप्ता खुद इसी चाइल्ड पीजीआई में टेक्निकल पद पर तैनात हैं और अपने बेटे के साथ परिसर के स्टाफ क्वार्टर में रहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्क की ग्रिल में लंबे समय से करंट उतर रहा था, इसके बावजूद न तो समय रहते बिजली आपूर्ति बंद कराई गई और न ही पार्क को बंद कर एहतियात बरती गई। उनका कहना है कि अगर संबंधित विभाग समय पर सतर्क हो जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था।

घटना की सूचना मिलते ही जब बिजली विभाग के इंजीनियर जांच के लिए अस्पताल पहुंचे, तो वहां मौजूद परिजनों और इंजीनियर के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। स्थिति तनावपूर्ण होते देख मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप कर परिवार को समझाया और माहौल को शांत कराया। इस दौरान अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए हंगामे जैसी स्थिति भी बनी रही। पीड़ित परिवार ने इस मामले में थाना सेक्टर 20 पहुंचकर तहरीर दी है और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।

पुलिस और अस्पताल प्रशासन का पक्ष

थाना सेक्टर 20 पुलिस के मुताबिक, परिवार की तहरीर मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच में यदि अस्पताल प्रशासन, बिजली विभाग या किसी अन्य पक्ष की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं अस्पताल प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए घटना की आंतरिक जांच शुरू करा दी है। प्रशासन का कहना है कि पार्क की ग्रिल में करंट आने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

यह घटना अस्पताल परिसर जैसी जगह पर बिजली सुरक्षा इंतजामों की पोल खोलती है, जहां स्टाफ के परिवार और बच्चे रोजाना पार्क का इस्तेमाल करते हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि परिसर में बिजली के खुले तारों और उपकरणों की नियमित जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और अभिराज की सेहत को लेकर परिवार व अस्पताल प्रशासन दोनों की निगाहें डॉक्टरों की रिपोर्ट पर टिकी हैं।

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