Kaladham Society: ग्रेटर नोएडा। नॉलेज पार्क-2 स्थित कालाधाम सोसाइटी में शनिवार (25 जुलाई 2026) शाम को एक बेहद दुखद घटना घटी। छह वर्षीय मासूम अव्यान सूर्या (या अव्यान) की बारिश के पानी से भरे लगभग 10-15 फुट गहरे गड्ढे में डूबकर दर्दनाक मौत हो गई। यह गड्ढा ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) द्वारा सोसाइटी में पानी की समस्या दूर करने के लिए ट्यूबवेल/बोरवेल लगाने हेतु खोदा गया था। स्थानीय लोगों और परिवार का आरोप है कि गड्ढे के आसपास न तो उचित बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। घटना शाम करीब 7 बजे की है। अव्यान केंद्रीय विद्यालय के उप-प्रधानाचार्य/कला शिक्षक सिवान यादव का बेटा है। उसकी मां दिल्ली नगर निगम में नर्स हैं। अव्यान दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। अचानक वह गड्ढे में फिसल गया। साथ खेल रहे बच्चों ने शोर मचाया। आसपास के लोगों और सुरक्षा गार्ड ने तुरंत गड्ढे में कूदकर बच्चे को बाहर निकाला। उसे नजदीकी अस्पताल (याथार्थ अस्पताल) ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने पहुंचते ही उसे मृत घोषित कर दिया। शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।
क्या कहते हैं स्थानीय लोग और पीड़ित परिवार
सोसाइटी निवासियों का कहना है कि यह गड्ढा कई दिन पहले (करीब दो दिन पहले) खोदा गया था। बारिश के बाद इसमें पानी भर गया था, लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए। एक चश्मदीद प्रांजल राजपूत ने बताया कि एक बच्चा दौड़ता हुआ आया और बताया कि कोई बच्चा गड्ढे में गिर गया है। सुरक्षा गार्ड ने कपड़े उतारकर गड्ढे में छलांग लगाई, फिर तीन-चार अन्य लोगों ने भी कूदकर बच्चे को बाहर निकाला। उन्होंने कहा, “यह गंभीर लापरवाही है। हमें पता ही नहीं था कि सोसाइटी में इतना गहरा गड्ढा है।” पीड़ित पिता सिवान यादव ने आंसू भरे स्वर में कहा, “कोई बच्चा उस गड्ढे से तैरकर बाहर नहीं निकल सकता था। अधिकारियों की लापरवाही से मेरा बेटा चला गया। वह दुनिया ही नहीं देख पाया। बाहर खेलना उसे बहुत पसंद था। आंख बंद करते ही उसका चेहरा सामने आ जाता है।” सोसाइटी के महासचिव देवेंद्र शुक्ला ने बताया कि पानी के दबाव की समस्या को लेकर प्राधिकरण से बात हो रही थी। आखिरी बातचीत में पार्क एरिया में बोरिंग की बात हुई थी, लेकिन पार्किंग एरिया में काम शुरू हो गया। उन्होंने कहा, “गड्ढा खोदने से पहले बैरिकेडिंग होनी चाहिए थी। यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”
प्राधिकरण की प्रतिक्रिया
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जनरल मैनेजर ए.के. सिंह ने घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा, “यह बहुत दुखद घटना है। प्राधिकरण को भी पीड़ा हुई है। यह कॉलोनी अच्छे, शिक्षित और कलाकार लोगों की है। सोसाइटी ने पानी की समस्या को लेकर अनुरोध किया था, जिसके बाद ट्यूबवेल का सैंक्शन किया गया था। यह थोड़ी दूरी पर दूसरी जगह लगना था, लेकिन वहां जगह खाली नहीं थी। पेड़ हटाने के लिए ठेकेदार ने सात दिन पहले अनुरोध किया था। वन विभाग को लिखा गया, लेकिन इसी बीच यहां खुदाई हो गई और हमें पता नहीं चला।” उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राथमिक रूप से ठेकेदार 100 प्रतिशत दोषी है। किनारे बैरियर लगाने की जिम्मेदारी सुपरवाइजर और टेक्निकल स्टाफ की थी। ऊपर के अधिकारियों को काम शुरू होने की जानकारी ही नहीं थी। उन्होंने कहा कि बैरिकेडिंग पर्याप्त नहीं थी, सिर्फ बल्ली रख देने से काम नहीं चलता।
कार्रवाई
ठेकेदार मेसर्स सुप्रीम के मनोज जैन, टेक्निकल सुपरवाइजर आकाश और सुपरवाइजर जॉनी कुमार के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। दोनों सुपरवाइजरों को नौकरी से निकाल दिया गया है। ठेकेदार के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। SDM सदर आशुतोष गुप्ता मौके पर पहुंचे और कहा कि प्रारंभिक जांच में बैरिकेडिंग न होने की बात सामने आई है। लापरवाही पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। नॉलेज पार्क-2 पुलिस थाने में परिवार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जांच जारी है।
निवासियों की मांग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिर्फ ठेकेदार और सुपरवाइजर पर्याप्त नहीं। जेई, एई, मैनेजर, सीनियर मैनेजर समेत सभी जिम्मेदार अधिकारियों की भी पूरी जिम्मेदारी है। गड्ढा निर्धारित जगह से हटकर दूसरी जगह क्यों खोदा गया? मौके पर आकर अधिकारियों ने क्यों नहीं देखा? उन्होंने कहा कि इसी तरह की लापरवाही से पहले भी जानें जा चुकी हैं। प्राधिकरण के CEO रवि कुमार एनजी को संज्ञान लेते हुए सभी जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई, सस्पेंशन और FIR की मांग की जा रही है। यह घटना उन मामलों की याद दिलाती है जहां बिना सुरक्षा उपायों के खुले गड्ढों ने जानें ली हैं। निवासी अब सभी खुले गड्ढों पर तुरंत बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग कर रहे हैं।

