Who is Noorie the drug queen?: नोएडा, कभी बिहार की तंगहाली से भागकर नोएडा की झुग्गियों में बसने वाली नूरी आज दिल्ली-एनसीआर की सबसे चर्चित ‘लेडी डॉन’ और ‘ड्रग क्वीन’ बन चुकी है। शनिवार (25 जुलाई 2026) को उसने नोएडा पुलिस की तीन थानों की घेराबंदी और गैंगस्टर एक्ट टीम की तलाशी को ध्वस्त करते हुए चुपके से डिस्ट्रिक्ट कोर्ट पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया।
नूरी का पूरा परिवार सेक्टर-9 जेजे कॉलोनी में रहता है। 2011 में वह परिवार के साथ बिहार से नोएडा आई थी और किराए के मकान में रहने लगी। 2013 में परिवार ने हरियाणा से लाकर नोएडा की गलियों में अवैध शराब बेचना शुरू किया। 2015 में नूरी गांजे के कारोबार में उतरी। फेज-1 थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा, लेकिन परिवार ने धंधा जारी रखा। जेल से बाहर आने के बाद उसने स्मैक और अन्य नशीले पदार्थों का दायरा पूरे दिल्ली-एनसीआर में फैला दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि नूरी का गिरोह ट्रेन, ट्रक, पार्सल और कूरियर के जरिए ओडिशा से गांजा मंगाता था। पुलिस की नजरों से बचने के लिए दिव्यांगों और नाबालिगों का इस्तेमाल किया जाता था, जो आसानी से पुड़ियां पहुंचा देते थे। करोड़ों की बेनामी संपत्ति खड़ी करने के बाद नूरी अवैध खनन के धंधे में भी उतर गई। पुलिस ने उसके घर के पास सड़क पर खड़े जेसीबी, डंपर और हाइवा जैसी मशीनें जब्त की थीं। नूरी के खिलाफ फेज-1 और सेक्टर-20 थाने में कुल 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें मादक पदार्थों की तस्करी, आबकारी अधिनियम और अन्य गंभीर धाराएं शामिल हैं। सेक्टर-9 जेजे कॉलोनी में गिरोह के कई मकान हैं, जो बाहर से साधारण दिखते हैं लेकिन अंदर आलीशान सुविधाओं से लैस हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन मकानों में चोरी की बिजली से एसी चलाए जा रहे हैं।
हालिया कार्रवाइयां
जून 2026 के अंत में सेक्टर-20 थाना पुलिस और क्राइम रिस्पांस टीम ने डीएनडी फ्लाईवे के पास नूरी गिरोह के पांच सदस्यों—आमिर खान, मनोज कुमार, प्रकाश शाह, मोहम्मद फिरोज और पप्पू कुमार—को गिरफ्तार किया। उनके पास से 21 किलोग्राम अवैध गांजा (कीमत करीब 5 लाख रुपये) और एक कार बरामद हुई। ये लोग ओडिशा से गांजा मंगाकर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करते थे। कुछ दिन पहले फेज-1 पुलिस ने नूरी की भतीजी अफसाना उर्फ बेबी (19) को सेक्टर-8 से 280 ग्राम स्मैक (कीमत करीब 10 लाख रुपये) के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि बुआ नूरी के कहने पर वह झुग्गी-झोपड़ियों और फैक्ट्री क्षेत्रों में स्मैक की पुड़ियां बेचती थी। इसी दौरान एक अन्य कार्रवाई में एंबुलेंस से 64 किलो गांजा (कीमत 13 लाख रुपये) भी बरामद हुआ।
पुलिस का बयान
एडीसीपी मनीषा सिंह ने कहा, “नशा तस्कर नूरी ने अदालत में सरेंडर किया है। यदि पूछताछ की जरूरत होगी तो उसे रिमांड पर लिया जाएगा। उसके नेटवर्क पर पहले ही बड़ी कार्रवाई की जा चुकी है। गिरोह के कई बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और अपराध में इस्तेमाल डंपर व बुलडोजर भी जब्त कर लिए गए हैं।” पुलिस अब नूरी को रिमांड पर लेकर उसके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, सिंडिकेट के अन्य सदस्यों और मददगारों के बारे में कड़ी पूछताछ करेगी। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने पर कई बड़े चेहरों पर गाज गिर सकती है। नूरी को कुछ बड़े लोगों का संरक्षण मिला होने की भी चर्चा है, जिसके कारण उस पर जल्दी हाथ नहीं डाला जा सका। नूरी का सफर बिहार की गरीबी से शुरू होकर नोएडा की झुग्गियों में अवैध शराब बेचने, फिर गांजे-स्मैक के साम्राज्य और अवैध खनन तक पहुंच चुका है। अब कानून उसके दरवाजे पर दस्तक दे चुका है। आगे की पूछताछ से इस ड्रग सिंडिकेट की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

