Honeymoon Murder Case: नई दिल्ली/शिलांग, सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय के सोहरा (चेरापुंजी) में हनीमून के दौरान पति राजा रघुवंशी की निर्मम हत्या के मामले में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द कर दी है। न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और पी.बी. वराले की बेंच ने मेघालय सरकार की अपील स्वीकार करते हुए सोनम को तीन सप्ताह के अंदर पुलिस के सामने सरेंडर करने का निर्देश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगर ट्रायल छह महीने के अंदर शुरू होकर पूरा नहीं होता है, तो सोनम नई जमानत याचिका दाखिल कर सकती हैं। बेंच ने कहा, “तथ्यों के आधार पर हम पाते हैं कि रेस्पॉन्डेंट (सोनम) जमानत के हकदार नहीं हैं।”
मामला क्या है?
इंदौर के परिवहन व्यवसायी राजा रघुवंशी (29) की शादी मई 2025 में सोनम रघुवंशी (25) से हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद दोनों हनीमून मनाने मेघालय के सोहरा पहुंचे। 23 मई 2025 को दोनों गायब हो गए। 2 जून 2025 को वेइसॉडोंग फॉल्स के पास एक गहरी खाई से राजा का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। मेघालय पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि सोनम ने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाहा (परिवार की कंपनी में अकाउंटेंट) के साथ मिलकर साजिश रची। तीन कॉन्ट्रैक्ट किलर्स आकाश राजपूत, विशाल चौहान और आनंद कुर्मी को करीब 20 लाख रुपये देकर हत्या का प्लान बनाया गया। राजा पर ट्रेकिंग के दौरान माचेट से हमला किया गया और शव खाई में फेंक दिया गया। पुलिस के अनुसार, मकसद वित्तीय लाभ था। सोनम को जून 2025 में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया। मामले में कुल आठ आरोपी हैं, जिनके खिलाफ 700 पृष्ठों से अधिक का चार्जशीट दाखिल किया जा चुका है।
जमानत की कहानी और सुप्रीम कोर्ट का फैसला
अप्रैल 2026: शिलांग की निचली अदालत ने सोनम को प्रोसीजरल लैप्स (गिरफ्तारी के कारणों की सही सूचना न देने) के आधार पर जमानत दे दी। अरेस्ट मेमो में हत्या की धारा 103(1) BNS के बजाय गलती से 403(1) का उल्लेख था।
29 जून 2026: मेघालय हाईकोर्ट ने निचली अदालत का फैसला बरकरार रखा।
जुलाई 2026: मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तर्क दिया कि यह महज टाइपोग्राफिकल एरर था, जो गिरफ्तारी को अमान्य नहीं बना सकता। सुप्रीम कोर्ट ने पहले जमानत पर रोक लगाने से इनकार किया था क्योंकि सोनम पहले ही रिहा हो चुकी थीं, लेकिन 21 जुलाई को बेंच ने सोनम को दो विकल्प दिए — या तो सरेंडर करें या कोर्ट मेरिट पर फैसला करेगा। अंततः 23 जुलाई को जमानत रद्द कर दी गई। अदालत ने गिरफ्तारी के आधारों पर उठाए गए सवालों पर भी टिप्पणी की और कहा कि सोनम को पर्याप्त सूचना दी गई थी।
परिवार की प्रतिक्रिया
राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने पहले हाईकोर्ट फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट जाने की घोषणा की थी। परिवार का कहना है कि वे मामले की गंभीरता को देखते हुए निजी वकील के जरिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।
आगे क्या?
सोनम को 3 हफ्तों में सरेंडर करना होगा। ट्रायल कोर्ट अब गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया तेज करेगा। पूरा देश इस मामले पर नजर रखे हुए है, क्योंकि यह साजिश, विश्वासघात और हनीमून ट्रिप के दौरान हुई हत्या का चौंकाने वाला मामला है। यह खबर 23 जुलाई 2026 तक की नवीनतम जानकारी पर आधारित है। आगे की सुनवाई और ट्रायल की प्रगति पर नजर रखें।

