नोएडा में मिले मौत के सौदागर, संगठित तरीके से लेते है जान, जानिए पूरा मामला

सेक्टर-76 के फ्लैट से 2.48 करोड़ रुपये की अवैध दवाएं बरामद

नोएडा। गौतमबुद्ध नगर में औषधि विभाग और दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सेक्टर-76 स्थित एक फ्लैट से 2.48 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की अवैध रूप से संग्रहित दवाएं बरामद की हैं। छापेमारी के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार बरामद कई दवाओं पर “सरकारी आपूर्ति, बिक्री के लिए नहीं” अंकित मिला है, जिससे इनके अनधिकृत उपयोग और अवैध सप्लाई की आशंका जताई जा रही है।

दिल्ली पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त छापेमारी

औषधि निरीक्षक जयसिंह ने बताया कि अंतरराज्यीय प्रकोष्ठ, अपराध शाखा, चाणक्यपुरी (नई दिल्ली) से मिली सूचना और डीडीसी (आई), उत्तर जोन, गाजियाबाद के निर्देश पर संयुक्त छापेमारी की गई। कार्रवाई में सीडीएससीओ (CDSCO) उत्तर जोन, गाजियाबाद के अधिकारी अरुण कुमार मट्टापल्ली और विनोद कुमार, अपराध शाखा के उप निरीक्षक गुलाब सिंह, हेड कांस्टेबल करमबीर तथा गौतमबुद्ध नगर के औषधि निरीक्षक शामिल रहे।

फ्लैट में मिला अवैध दवाओं का बड़ा भंडार

संयुक्त टीम ने अमरापाली प्रिंसली एस्टेट, सेक्टर-76 स्थित फ्लैट नंबर जे-402 पर छापा मारा। जांच के दौरान वहां आनंद कुमार, बसंत लाल वर्णवाल और प्रीति मौजूद मिले। अधिकारियों ने पाया कि फ्लैट का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर तैयार औषधियों के अवैध भंडारण के लिए किया जा रहा था।

रेबीज वैक्सीन, एंटीसीरम और महंगी जैविक दवाएं बरामद

छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में गोलियां, कैप्सूल, इंजेक्शन, टीके, ह्यूमन एल्ब्यूमिन, इम्युनोग्लोबुलिन, रेबीज वैक्सीन और सर्पदंश (स्नेक बाइट) एंटीसीरम आईपी सहित कई उच्च मूल्य की जैविक दवाएं बरामद हुईं। जांच में कई दवाओं पर “सरकारी आपूर्ति, बिक्री के लिए नहीं” अंकित मिला, जिससे इनके संभावित दुरुपयोग की आशंका और गहरा गई है।

गलत तापमान पर रखी गई थीं संवेदनशील दवाएं

अधिकारियों ने पाया कि जिन दवाओं को 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान पर सुरक्षित रखा जाना चाहिए था, उन्हें सामान्य कमरे के तापमान पर रखा गया था। इससे दवाओं की गुणवत्ता और प्रभावशीलता प्रभावित होने की संभावना जताई गई है।

2.48 करोड़ रुपये की दवाएं जब्त, जांच जारी

बरामद दवाओं का कुल मूल्य एमआरपी के आधार पर 2,48,66,658.31 रुपये आंका गया है। औषधि निरीक्षक ने परीक्षण के लिए आठ दवा उत्पादों के नमूने लिए हैं, जबकि आयातित दवाओं के नमूने सीडीएससीओ उत्तर जोन द्वारा अलग से जांच के लिए लिए जाएंगे। कार्रवाई के दौरान आनंद कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में अवैध दवा आपूर्ति नेटवर्क, सरकारी दवाओं की खरीद-फरोख्त और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।

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