Adani Group Airline Plans: नई दिल्ली, भारत के प्रमुख औद्योगिक घराने अदानी ग्रुप के एयरलाइन बिजनेस में प्रवेश करने की अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार एयरपोर्ट ऑपरेटर्स को अपनी एयरलाइन चलाने की अनुमति देने पर गंभीरता से विचार कर रही है, जो देश के एविएशन सेक्टर को पूरी तरह बदल सकता है।
वर्तमान नियम दिल्ली और मुंबई जैसे प्रमुख एयरपोर्ट्स के ऑपरेटर्स को किसी भी शेड्यूल्ड एयरलाइन में 10% से अधिक हिस्सेदारी रखने से रोकते हैं। यदि यह बाधा हटाई गई तो अदानी ग्रुप (जो मुंबई और नवी मुंबई समेत आठ एयरपोर्ट्स संचालित करता है) और GMR एयरपोर्ट्स (दिल्ली एयरपोर्ट समेत अन्य) अपनी स्वयं की एयरलाइन शुरू कर सकते हैं। यह कदम इंडिगो और एयर इंडिया द्वारा नियंत्रित लगभग 90% घरेलू क्षमता वाले बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने का सरकारी प्रयास माना जा रहा है।
अदानी की एविएशन महत्वाकांक्षा
अदानी ग्रुप पहले से ही भारत का सबसे बड़ा निजी एयरपोर्ट ऑपरेटर है। हाल ही में मुंद्रा एयरपोर्ट से स्टार एयर के साथ कमर्शियल उड़ानें शुरू की गई हैं। ग्रुप अगले पांच वर्षों में अपने एयरपोर्ट्स में ₹90,000 करोड़ से ₹1 लाख करोड़ का निवेश करने की योजना बना रहा है। इसके अलावा, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शुरू हो चुकी हैं। जनवरी 2026 में अदानी ग्रुप ने ब्राजील की Embraer के साथ क्षेत्रीय विमान निर्माण के लिए साझेदारी की थी, जो एविएशन मैन्युफैक्चरिंग में उनके प्रवेश का संकेत था। MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल), पायलट ट्रेनिंग और एयरपोर्ट सिटी प्रोजेक्ट्स (₹20,000 करोड़ निवेश) में भी ग्रुप सक्रिय है। हालांकि, दिसंबर 2025 में जीत अदानी ने एयरलाइन बिजनेस में रुचि से इनकार किया था, citing कम मार्जिन और कैपिटल डिसिप्लिन। लेकिन नई पॉलिसी के साथ स्थिति बदल सकती है।
बाजार पर संभावित प्रभाव
प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी: नई एयरलाइन से टियर-2/3 शहरों में बेहतर कनेक्टिविटी और यात्री विकल्प बढ़ सकते हैं।
चुनौतियां: एविएशन सेक्टर में उच्च पूंजीगत व्यय, विमान डिलीवरी में देरी और कम लाभप्रदता बनी हुई है।
स्लॉट एलोकेशन का मुद्दा: एयरपोर्ट ऑपरेटर अपनी एयरलाइन को प्राथमिकता दे सकते हैं, जिससे नई असमानताएं पैदा हो सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पॉलिसी बदलाव लॉ मिनिस्ट्री और कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही लागू होगा। अदानी ग्रुप की तरफ से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार ग्रुप सक्रिय रूप से इस दिशा में चर्चा कर रहा है। यह विकास भारत के बढ़ते एविएशन मार्केट (2024 में 17.4 करोड़ यात्री) के अनुरूप है, जहां नई क्षमता और कनेक्टिविटी की भारी मांग है। अदानी का कदम पूरे सेक्टर को नया आकार दे सकता है। खबर पर नजर रखें। आगे की जानकारी के लिए अदानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के आधिकारिक बयानों का इंतजार।
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