Jantar Mantar Protest: 152 लीक, शून्य सजा; राहुल गांधी ने PM मोदी से मांगी माफी, धरमेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज

Jantar Mantar Protest: नई दिल्ली, : NEET-UG 2026 परीक्षा पेपर लीक विवाद ने पूरे देश में छात्र आंदोलन की आग भड़का दी है। विपक्षी दलों के नेतृत्व में संसद से लेकर सड़कों तक विरोध प्रदर्शन जारी है, जबकि जंतर-मंतर पर Cockroach Janta Party (CJP) के आंदोलनकारियों और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन ने मुद्दे को नया मोड़ दे दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने और शिक्षा मंत्री धरमेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

राहुल गांधी का तीखा हमला: “शिक्षा प्रणाली रिग्ड है”

राहुल गांधी ने कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पिछले दशक में 152 परीक्षा पेपर लीक हो चुके हैं, जिनसे करीब 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए, लेकिन एक भी दोषी को सजा नहीं मिली। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को “रिग्ड” (धांधली वाली) बताया और कहा कि यह न केवल अनुचित है बल्कि परिवारों के लिए बेहद महंगी भी। “सरकार का शिक्षा बजट लगभग 1.4 लाख करोड़ रुपये है, जबकि परिवार NEET परीक्षा पर अकेले 1.32 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं। युवाओं के अवसर सिकुड़ रहे हैं – मैन्युफैक्चरिंग कमजोर, उद्यमिता मुश्किल और AI नौकरियों को प्रभावित कर रहा है,” राहुल ने कहा। उन्होंने छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा की और वीडियो दिखाते हुए पूछा, “इन छात्रों ने क्या गलत किया? वे तो सिर्फ निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था मांग रहे हैं।” राहुल ने दावा किया कि उन्हें हिरासत में लेते समय पुलिसकर्मी भी फुसफुसा रहे थे कि सरकार बदलनी चाहिए। उन्होंने PM मोदी से छात्रों से माफी मांगने और प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। कांग्रेस ने छात्र आंदोलनों को पूरा समर्थन देने का ऐलान किया।

जंतर-मंतर: CJP का आंदोलन जारी, सोनम वांगचुक के नए शर्तें

CJP ने अपनी मांगें दोहराईं – धरमेंद्र प्रधान का इस्तीफा, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर मुकदमे न चलाने की गारंटी। सोनम वांगचुक, जो 28 जून से अनशन पर हैं, ने अस्पताल से अपील की कि सरकार इन मुद्दों पर गंभीरता दिखाए तो वे अनशन समाप्त कर छात्रों से बातचीत शुरू करने की अपील करेंगे। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने वांगचुक से मुलाकात की। CJP ने नड्डा के ऑफिस जाने से इनकार कर जंतर-मंतर के पास न्यूट्रल जगह पर बैठक की मांग की, जो बाद में हो भी गई। प्रदर्शनकारियों की भीड़ बढ़ रही है, दिल्ली मेट्रो ने कई स्टेशन बंद किए (बाद में खुले)। कुछ जगहों पर पथराव की घटनाएं भी हुईं, एक ACP घायल हुए। देश भर में solidarity प्रदर्शन हो रहे हैं – मुंबई, नागपुर, बेंगलुरु आदि में। कई छात्रों की आत्महत्याएं इस विवाद से जुड़ी बताई जा रही हैं।

पृष्ठभूमि और सरकारी रुख

NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को हुई थी, लीक के आरोपों के बाद रद्द कर 21 जून को दोबारा कराई गई। CBI जांच चल रही है, कुछ गिरफ्तारियां हुई हैं। शिक्षा मंत्री धरमेंद्र प्रधान ने अगले साल से NEET को कंप्यूटर-बेस्ड बनाने की घोषणा की और जांच का भरोसा दिया। विपक्ष का आरोप है कि NTA (National Testing Agency) में गहरी सांठगांठ है और बड़े नेटवर्क को नहीं छुआ गया। संसद के मानसून सत्र में भी विपक्ष ने मुद्दे पर चर्चा की मांग कर सदन बाधित किया।

विश्लेषण: युवा आक्रोश का बड़ा संकेत

यह आंदोलन सिर्फ एक परीक्षा लीक तक सीमित नहीं। यह बेरोजगारी, महंगी कोचिंग, परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और युवाओं के भविष्य को लेकर व्यापक असंतोष का प्रतीक बन गया है। CJP जैसी सैटायरिकल मूवमेंट ने Gen-Z को जोड़ा, जबकि सोनम वांगचुक जैसे कार्यकर्ताओं ने इसे राष्ट्रीय स्तर दिया। सरकार का कहना है कि चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष इसे दबाने की कोशिश बता रहा है। आंदोलन जारी है – कल क्या होता है, यह देखना बाकी है।
यह भी पढ़ें: Sikkim Tunnel Accident: मीथेन गैस और भूस्खलन ने ली 20 से अधिक जानें, बचाव अभियान जारी

यहां से शेयर करें