जंतर-मंतर पर भारी बवाल: संसद मार्च कर रहे छात्रों और पुलिस में हिंसक झड़प, लाठीचार्ज और आंसू गैस के बाद भी नहीं डिगे युवाओं के कदम

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक धरना स्थल जंतर-मंतर आज एक बार फिर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा आयोजित ‘संसद मार्च’ के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। हालात को काबू में करने के लिए दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारी युवाओं पर जमकर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। हालांकि, पुलिसिया कार्रवाई के बावजूद युवाओं के हौसले पस्त नहीं हुए और वे अपनी मांगों पर अड़े रहे।

संसद घेराव के लिए उमड़ा भारी हुजूम

विभिन्न मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन आज अचानक उग्र हो गया। सुबह से ही दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों से भारी संख्या में छात्र, युवा और अलग-अलग संगठनों के कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर जुटना शुरू हो गए थे। दोपहर होते-होते इस भीड़ ने बैरिकेड्स तोड़कर संसद भवन की तरफ कूच करने की कोशिश की।

चश्मदीदों के मुताबिक: “युवाओं का जोश चरम पर था। वे सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए जैसे ही मुख्य सुरक्षा घेरे की तरफ बढ़े, माहौल तनावपूर्ण हो गया।”

बैरिकेड्स तोड़े, पुलिस ने चलाया लाठियों का दौर

प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने कई लेयर की सुरक्षा व्यवस्था और भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी। लेकिन आक्रोशित युवाओं ने पहली और दूसरी कतार के बैरिकेड्स को हिलाकर रख दिया।

स्थिति नियंत्रण से बाहर होते देख पुलिस ने पहले वाटर कैनन (पानी की बौछार) का इस्तेमाल किया। जब इससे भी बात नहीं बनी, तो पुलिस ने ताबड़तोड़ लाठीचार्ज शुरू कर दिया।

  • आंसू गैस के गोले: पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए दर्जनों आंसू गैस के गोले दागे, जिससे पूरे इलाके में धुआं फैल गया।
  • बचे नहीं छात्र: लाठीचार्ज की चपेट में कई छात्र और महिला प्रदर्शनकारी भी आए, जिन्हें मामूली और गंभीर चोटें आई हैं।
  • हिरासत में कई नेता: प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे कई छात्र नेताओं को पुलिस ने जबरन बसों में भरकर हिरासत में ले लिया।

लाठियां भी नहीं रोक पाईं युवाओं के कदम

विभिन्न सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार, इस पूरी पुलिसिया कार्रवाई के बाद भी प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं थे। आंसू गैस के धुएं और पुलिस के डंडों के बीच युवा सड़कों पर ही डटे रहे और वापस जंतर-मंतर पर आकर मोर्चा संभाल लिया। कई जगहों पर छात्रों और पुलिस कर्मियों के बीच सीधी नोकझोंक और धक्का-मुक्की देखने को मिली। युवाओं का साफ कहना है कि सरकार जब तक उनकी आवाज नहीं सुनती, उनका यह आंदोलन थमेगा नहीं।

यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त, सुरक्षा सख्त

इस हंगामे के चलते लुटियंस दिल्ली और कनॉट प्लेस के आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। दिल्ली पुलिस ने एहतियात के तौर पर कई रास्तों को बंद कर दिया है। जंतर-मंतर की तरफ आने वाले सभी रास्तों पर भारी पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और दंगा नियंत्रण वाहनों को तैनात कर दिया गया है।

इस घटना के बाद से दिल्ली का सियासी पारा भी गरमा गया है। विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की ओर से पुलिस की इस बर्बर कार्रवाई की तीखी निंदा की जा रही है। फिलहाल इलाके में भारी तनाव को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।

 

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