यूपी की ब्यूरोक्रेसी का पावर सेंटर: ईमानदार और सख्त प्रशासक की पहचान बने आईएएस दीपक कुमार, जानिए सीएम योगी की पंसद क्यो बनें

Noida: उत्तर प्रदेश की नौकरशाही में कुछ अधिकारी ऐसे हैं जिनका नाम सिर्फ प्रशासनिक गलियारों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सरकार की बड़ी नीतियों और फैसलों के केंद्र में भी दिखाई देता है। ऐसे ही अधिकारियों में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी Deepak Kumar का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। अपनी सादगी, ईमानदारी और तेज प्रशासनिक शैली के लिए पहचाने जाने वाले दीपक कुमार को योगी सरकार के सबसे भरोसेमंद और प्रभावशाली अधिकारियों में गिना जाता है।

कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी

दीपक कुमार के पास उत्तर प्रदेश सरकार के कई महत्वपूर्ण विभागों और संस्थाओं की जिम्मेदारी रही है। वह राज्य में औद्योगिक निवेश, आधारभूत ढांचा विकास और बड़े निवेश प्रस्तावों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर एवं इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कमिश्नर (IIDC) के रूप में कार्यरत हैं और राज्य में निवेश एवं औद्योगिक परियोजनाओं की निगरानी कर रहे हैं।

नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका

दीपक कुमार को Noida Authority के चेयरमैन की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। नोएडा और यमुना क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे औद्योगिक निवेश, आवासीय परियोजनाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और निवेशकों की समस्याओं के समाधान में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन के रूप में वह विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा और नीतिगत निर्णयों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

निवेश आकर्षित करने में निभा रहे बड़ी भूमिका

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने में दीपक कुमार जैसे अधिकारियों की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। निवेशकों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने, औद्योगिक नीतियों को लागू करने और बड़ी कंपनियों को प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित करने में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है।

प्रशासनिक सख्ती और साफ-सुथरी छवि

ब्यूरोक्रेसी के भीतर दीपक कुमार की पहचान एक ऐसे अधिकारी के रूप में है जो फाइलों को लंबे समय तक लंबित रखने के बजाय समयबद्ध निर्णय लेने में विश्वास रखते हैं। उनकी छवि एक सख्त लेकिन परिणाम देने वाले अधिकारी की रही है। यही कारण है कि सरकार ने समय-समय पर उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी सौंपी हैं।

सरकार के भरोसेमंद अधिकारियों में शुमार

योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में दीपक कुमार उन चुनिंदा अधिकारियों में शामिल रहे हैं जिन पर सरकार ने बार-बार भरोसा जताया है। औद्योगिक विकास, निवेश संवर्धन और बुनियादी ढांचे से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में उनकी भागीदारी लगातार बनी हुई है। राज्य में निवेश बढ़ाने और उद्योगों को प्रोत्साहन देने की दिशा में उनकी भूमिका को प्रशासनिक हलकों में काफी अहम माना जाता है।

शांत स्वभाव लेकिन मजबूत प्रशासनिक पकड़

करीबी अधिकारी और उद्योग जगत के लोग दीपक कुमार को कम बोलने लेकिन प्रभावी निर्णय लेने वाले अधिकारी के रूप में देखते हैं। प्रशासनिक मामलों पर उनकी मजबूत पकड़ और जमीनी स्तर पर काम करने की शैली ने उन्हें उत्तर प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में एक अलग पहचान दिलाई है। उत्तर प्रदेश में जब भी प्रभावशाली और परिणाम देने वाले अधिकारियों की चर्चा होती है, तो दीपक कुमार का नाम प्रमुखता से सामने आता है। यही वजह है कि उन्हें आज योगी सरकार की प्रशासनिक टीम के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक माना जाता है।

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