Noida News: साइबर ठग आजकल अलग अलग तरीके से लोगों को ठग रहे हैं पहले मीठी मीठी बातें करते हैं उसके बाद उनके खातों में सेंध लगा देते हैं। इस बार जालसाजों ने शेयर बाजार में निवेश कर कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर एक इंजीनियर सहित दो लोगों से करीब 35 लाख रुपये ठग लिए। दोनों मामलों में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जरा सोचिए की जब इंजीनियर को ऐसे ठग बेवकूफ बना सकते है तो फिर क्या क्या कर सकते है।
पहला मामला: इंजीनियर से 18 लाख की ठगी
ग्रेटर नोएडा निवासी इंजीनियर देवेंद्र कुमार दीक्षित के पास नवंबर के अंतिम सप्ताह में व्हाट्सएप पर शेयर बाजार से जुड़ा एक संदेश आया था। बातचीत में उन्हें एक कथित निवेश प्लेटफॉर्म और ट्रेडिंग एप के बारे में बताया गया, फिर एक निवेश व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर शुरुआत में अच्छा मुनाफा दिखाया गया। भरोसा होने पर उन्होंने करीब 18 लाख रुपये निवेश कर दिए। एप में रकम बढ़ती दिखने लगी, लेकिन जब उन्होंने मुनाफे सहित पैसा निकालना चाहा तो जालसाजों ने टैक्स जमा करने की शर्त रख दी और खाता फ्रीज करने की धमकी दी। अतिरिक्त रकम देने से इनकार करते ही आरोपियों ने सारे संपर्क तोड़ लिए।
दूसरा मामला: महिला से 17 लाख की ठगी
नोएडा के सेक्टर-121 निवासी ऐश्वर्या को अप्रैल में एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था, जहां शेयर ट्रेडिंग और आईपीओ में निवेश पर ज्यादा मुनाफे का दावा किया गया। एक ट्रेडिंग एप डाउनलोड कराकर शुरुआती निवेश पर बेहतर रिटर्न दिखाया गया, जिससे भरोसा बढ़ने पर उन्होंने करीब 17 लाख रुपये निवेश कर दिए। रकम निकालने की कोशिश करने पर बार-बार टालमटोल और अतिरिक्त भुगतान की मांग हुई, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ।
डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि पुलिस ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, व्हाट्सएप ग्रुप, ट्रेडिंग एप और डिजिटल लेन-देन की जानकारी जुटा रही है।
निवेश के नाम पर फ्रॉड से ऐसे बचें
- केवल सेबी से पंजीकृत प्लेटफॉर्म पर ही निवेश करें
- व्हाट्सएप, टेलीग्राम या सोशल मीडिया पर मिलने वाले निवेश सलाहकारों पर भरोसा न करें
- एप में दिख रहे मुनाफे को असली बैंक बैलेंस न मानें
- रकम निकालने के लिए टैक्स, अनलॉक फीस या प्रोसेसिंग चार्ज मांगना ठगी का आम तरीका है
- संदिग्ध निवेश प्रस्ताव की शिकायत तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर करें

