इंडिगो ने शुरू की ‘इंडिगो लाइट’ किराया: केवल कैबिन बैगेज वाले यात्रियों के लिए सस्ते टिकट, अनबंडलिंग की नई मिसाल

भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (InterGlobe Aviation) ने यात्रियों की बढ़ती लागत संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए एक नया किफायती विकल्प पेश किया है। कंपनी ने बुधवार को ‘इंडिगो लाइट’ (IndiGo Lite) नाम से नया एंट्री-लेवल इकोनॉमी किराया लॉन्च किया है, जिसमें केवल 7 किलोग्राम कैबिन बैगेज (हैंड बैगेज) की अनुमति है और चेक-इन बैगेज शामिल नहीं है। यह कदम एयरलाइंस द्वारा सेवाओं को अनबंडल (unbundle) करके बेस फेयर कम करने की रणनीति का हिस्सा है। इंडिगो के इस नए फेयर की बुकिंग आज 1 जुलाई 2026 से कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप और अन्य डायरेक्ट चैनलों पर शुरू हो गई है। यात्रा 15 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी। यह फेयर घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय दोनों गैर-स्टॉप उड़ानों पर उपलब्ध होगा। यात्रियों को ऑटो-असाइन्ड सीट मुफ्त मिलेगी, जबकि अतिरिक्त सेवाएं जैसे चेक-इन बैगेज, प्रीफर्ड सीट, भोजन और प्राथमिकता सेवाएं अलग से खरीदनी होंगी।

पृष्ठभूमि और बाजार का दबाव

हाल के महीनों में ईरान युद्ध के कारण जेट ईंधन की कीमतों में उछाल, एयरस्पेस बंद होने और तीव्र प्रतिस्पर्धा के चलते भारतीय एयरलाइंस पर लागत का दबाव बढ़ा है। ऐसे में कंपनियां यात्रियों को सस्ते विकल्प देकर बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं। गत माह प्रतिद्वंद्वी एयर इंडिया ने भी ‘बेसिक’ इकोनॉमी फेयर पेश किया था, जिसमें मुफ्त भोजन शामिल नहीं है, लेकिन 15 किग्रा चेक-इन बैगेज दिया जाता है। इंडिगो का ‘लाइट’ फेयर इससे आगे बढ़कर उन यात्रियों को लक्षित करता है जो हल्के सामान के साथ यात्रा करते हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इससे कुल टिकट लागत में 5-10 प्रतिशत की बचत हो सकती है।12

‘6E Ways to Fly’ का विस्तार

यह नया फेयर इंडिगो के पहले से लागू ‘6E Ways to Fly’ पोर्टफोलियो का विस्तार है, जिसमें Saver, Flexi, UpFront आदि टियर शामिल हैं। पहले Saver फेयर में 7 किग्रा कैबिन + 15 किग्रा चेक-इन बैगेज शामिल था। ‘इंडिगो लाइट’ उन यात्रियों के लिए आदर्श है जो बैगेज की जरूरत नहीं रखते, जैसे छोटी दूरी की यात्रा करने वाले या बिजनेस ट्रिप पर जाने वाले। इंडिगो के प्रवक्ता ने कहा कि यह कदम यात्रियों को अधिक विकल्प और लचीलापन प्रदान करेगा। कंपनी का लक्ष्य सहायक सेवाओं (ancillary revenue) के माध्यम से राजस्व बढ़ाना भी है, जिसका हिस्सा कुल आय में बढ़ रहा है।

यात्रियों के लिए फायदे और सावधानियां

फायदे:

कम बेस फेयर (घरेलू उड़ानों पर ₹300-400 तक सस्ता अनुमानित)। मुफ्त ऑटो सीट असाइनमेंट। 7 किग्रा कैबिन बैगेज (मानक आयाम के साथ)। अतिरिक्त सेवाएं खरीदने की सुविधा।

सावधानियां:

चेक-इन बैगेज बिल्कुल नहीं मिलेगा; अतिरिक्त बैगेज के लिए एयरपोर्ट पर महंगे दाम चुकाने पड़ सकते हैं।केवल डायरेक्ट बुकिंग चैनलों पर उपलब्ध। अन्य शर्तें (कैंसिलेशन, चेंज आदि) स्टैंडर्ड फेयर से अलग हो सकती हैं। एयरलाइन विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेंड आगे बढ़ेगा और अन्य कंपनियां भी समान फेयर ला सकती हैं। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि बुकिंग से पहले पूरी डिटेल चेक करें, खासकर बैगेज नियम। इंडिगो, जो भारत के घरेलू उड़ान बाजार में प्रमुख खिलाड़ी है, इस कदम से मूल्य-संवेदनशील यात्रियों को आकर्षित करने की उम्मीद कर रही है। इस पहल से सस्ती हवाई यात्रा और अधिक सुलभ होने की संभावना है, हालांकि पूर्ण सेवाएं चाहने वाले यात्रियों के लिए स्टैंडर्ड फेयर ही बेहतर विकल्प रहेगा।

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