दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बुधवार तड़के एक भयानक सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। हरिद्वार/ऋषिकेश से इंदौर जा रही एक स्लीपर बस ने आगे चल रहे ट्रक/ट्रेलर में जोरदार टक्कर मार दी, जिसके बाद बस में भीषण आग लग गई। इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 यात्री घायल हो गए। बस में कुल 37 यात्री सवार थे।
दौसा जिले के कोलवा थाना क्षेत्र के धनावदा के पास सुबह करीब 2:30 से 3:30 बजे के बीच यह दुर्घटना हुई। पुलिस के मुताबिक, बस के टकराने के बाद उसका पिछला हिस्सा आग की चपेट में आ गया। कई यात्री सो रहे थे, जिससे बच निकलना मुश्किल हो गया। पांच लोगों की मौत आग में जलकर हुई, जबकि दो अन्य गंभीर सिर की चोटों के कारण जान गंवा बैठे। घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। दौसा के पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव अभियान की निगरानी की। आग बुझाने और घायलों को निकालने के लिए फायर ब्रिगेड, पुलिस और आपातकालीन टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, छह शवों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि बचाव कार्य जारी रहा। जिला कलेक्टर डॉ. सौम्या झा भी मौके पर पहुंचीं।
हादसे का कारण अभी जांच के अधीन
पुलिस ने बताया कि बस ऋषिकेश से इंदौर जा रही थी और यात्री ज्यादातर सोए हुए थे। प्राथमिक जांच में ओवरटेकिंग की कोशिश या ड्राइवर की थकान संभावित कारण बताए जा रहे हैं, लेकिन सटीक वजह का पता लगाने के लिए केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। एक्सप्रेसवे पर यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित रहा।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस दर्दनाक घटना ने कई परिवारों को असहनीय क्षति पहुंचाई है।
सड़क सुरक्षा पर सवाल
यह हादसा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हाल के वर्षों में हुए कई दुर्घटनाओं की श्रृंखला में नया मामला है। विशेषज्ञों का कहना है कि रात के समय लंबी दूरी की बसों में ड्राइवरों की थकान, तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग जैसी समस्याएं अक्सर ऐसी घटनाओं का कारण बनती हैं। प्रशासन ने घायलों के लिए बेहतर चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने और मृतकों के परिजनों को तुरंत सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और एक्सप्रेसवे पर निगरानी सख्त करने की मांग को बल दिया है। मृतकों की पहचान का काम जारी है। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। हम इस खबर पर नजर बनाए हुए हैं।

