5 सगे भाइयों समेत सभी आरोपी दोषी करार, 86-86 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
Gautam Buddha Nagar Court: ग्रेटर नोएडा । वर्ष 2021 में थाना बादलपुर क्षेत्र के गिरधरपुर सुनारसी गांव में जमीन विवाद को लेकर हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड मामले में गौतमबुद्धनगर की द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश सोमप्रभा मिश्रा की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने 5 सगे भाइयों समेत कुल 9 आरोपियों को हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा और अन्य गंभीर धाराओं में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी दोषियों पर 86-86 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है, जिसे अदा न करने पर अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
Gautam Buddha Nagar Court:
यह मामला 8 फरवरी 2021 का है, जब गांव में जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद के निपटारे के लिए पंचायत बुलाई गई थी, जिसमें दोनों पक्षों को बुलाया गया था। अभियोजन के अनुसार, मौके पर पहुंचे देवेन्द्र और उसके साथियों ने गाली-गलौज करते हुए लाइसेंसी और अन्य हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें तीन लोग गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां अमित को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि सुरेश उर्फ सलेक की इलाज के दौरान मौत हो गई। तीसरे घायल प्रेम का लंबे समय तक इलाज चला। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया था और भारी पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी थी।
घटना के अगले दिन वादी सुनील पुत्र राजेन्द्र ने थाना बादलपुर में तहरीर देकर देवेन्द्र, रविन्द्र, सतेन्द्र, धर्मेन्द्र, जितेन्द्र, भोपाल, महिपाल उर्फ अल्लू, अमरजीत बंसल और अमित बंसल समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच के दौरान घटनास्थल निरीक्षण, गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
सत्र परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शियों और चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध किए। अदालत ने सभी नौ आरोपियों को दोषी मानते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
सजा के बिंदु पर बचाव पक्ष ने दलील दी कि सभी आरोपियों का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है और परिवार की जिम्मेदारियां हैं, इसलिए नरमी बरती जाए। हालांकि अदालत ने कहा कि अपराध की गंभीरता, सामूहिक हिंसा और उसके सामाजिक प्रभाव को देखते हुए कठोर दंड आवश्यक है।
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अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि सामूहिक फायरिंग में दो लोगों की मौत और एक व्यक्ति का गंभीर रूप से घायल होना अत्यंत गंभीर अपराध है, जिसे किसी भी स्थिति में हल्के में नहीं लिया जा सकता। इसी आधार पर सभी दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/149 के तहत आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
इस मामले में एक और दर्दनाक पहलू सामने आया, जब मुख्य गवाह प्रेम सिंह को बाद में बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना 16 दिसंबर 2021 की है, जब खेत से लौटते समय उन पर हमला हुआ था। इस मामले में भी अलग से मुकदमा दर्ज किया गया था।
फैसले के बाद परिजनों ने अदालत के निर्णय पर संतोष जताते हुए कहा कि पांच साल बाद उन्हें न्याय मिला है, जिससे उन्हें कुछ राहत मिली है।
फैसला सुनने के बाद बेहोश होकर गिरी आरोपी की पत्नी
सजा सुनाए जाने के दौरान आरोपी और उनके परिजन रो पड़े। वहीं फैसला सुनने के बाद आरोपी अमित बंसल की पत्नी बेहोश होकर गिर गई। जबकि आरोपी फूट-फूटकर रोए। वहीं पुलिस की ओर से भी सुरक्षा के कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। परिजन, वकीलों, न्यायिक कार्य से जुड़े लोगों के लावा किसी को भी कोर्ट परिसर के बाहर खड़े होने की इजाजत नहीं थी।

