दक्षिण मुंबई को नवी मुंबई से जोड़ने वाले देश के सबसे लंबे समुद्री पुल अटल सेतु (मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक) पर पिछले ढाई वर्षों में आत्महत्या की लगातार बढ़ती घटनाओं ने सरकार और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने सोमवार को विधान परिषद में जानकारी देते हुए बताया कि इस अवधि में पुल से कूदकर जान देने या जान देने की कोशिश के कुल 15 मामले सामने आए, जिनमें से 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4 शव अब तक बरामद नहीं हो सके हैं।
मंत्री सामंत के अनुसार, वर्ष 2024 में छह घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें चार लोगों की मौत हुई और इनमें से दो के शव नहीं मिल सके। वर्ष 2025 में भी छह घटनाएं हुईं, जिनमें पांच लोगों की जान गई जबकि एक व्यक्ति को बचा लिया गया। वहीं 2026 में अब तक तीन मामलों में तीनों की मौत हो चुकी है, इनमें से भी दो शव लापता हैं। इन घटनाओं को देखते हुए सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ओर से चिंता जताई गई। कांग्रेस विधायक भाई जगताप ने पुल पर पुलिस गश्त बढ़ाने और समुद्र में तलाशी अभियान के लिए तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) की मदद लेने की मांग की। साथ ही गश्ती बाइक, एम्बुलेंस और स्पीडबोट जैसी आपात सुविधाएं बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
सरकार ने जताई सुरक्षा उपाय बढ़ाने की प्रतिबद्धता
मंत्री उदय सामंत ने सदन को आश्वासन देते हुए कहा कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी, जो पुल पर आत्महत्या रोकने के उपायों का अध्ययन कर सिफारिशें देगी। उन्होंने कहा कि पुल के संवेदनशील हिस्सों पर तत्काल बैरिकेडिंग की जरूरत है और तकनीकी मूल्यांकन के आधार पर जरूरी जगहों पर सुरक्षा जाल (सेफ्टी नेट) तथा अन्य सुरक्षात्मक इंतजाम किए जाएंगे। गौरतलब है कि 21.8 किलोमीटर लंबे अटल सेतु (आधिकारिक नाम: अटल बिहारी वाजपेयी शिवड़ी-न्हावा शेवा अटल सेतु) का करीब 16.5 किलोमीटर हिस्सा समुद्र के ऊपर से गुजरता है, जबकि शेष 5.5 किलोमीटर भूमि पर है। 13 जनवरी 2024 को आम जनता के लिए खोला गया यह पुल अब तक करोड़ों वाहनों की आवाजाही देख चुका है। फिलहाल पुल के 33 किलोमीटर लंबे कैरिजवे में से लगभग 29.6 किलोमीटर हिस्से पर ध्वनि अवरोधक, दृश्य अवरोधक या सुरक्षा जालियां लगी हुई हैं, साथ ही छह आपातकालीन कॉल बॉक्स और सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था पहले से मौजूद है। इसके बावजूद बढ़ती घटनाओं को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की मांग जोर पकड़ रही है।

