कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन तेज़: कल से सोनम वांगचुक का आमरण अनशन, आज फिर महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक से रद्द, दीपके बोले- “नीट शहीदों” को मत भूलो

शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों के खिलाफ जंतर-मंतर पर डेरा डाले “कॉकरोच जनता पार्टी” (CJP) का आंदोलन शनिवार को और तेज़ होता दिखा। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जनता से रूबरू होकर सवाल-जवाब किए और एक ही दिन में दो बड़ी घटनाओं को आंदोलन से जोड़ दिया महाराष्ट्र टीईटी परीक्षा का पेपर लीक होकर रद्द होना, और सरकार पर पीड़ित परिवारों की अनदेखी का आरोप। इसी बीच जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक रविवार से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने जा रहे हैं, जिससे आंदोलन एक नए और गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है।

आज फिर रद्द हुई महाराष्ट्र टीईटी परीक्षा, 4 लाख से ज़्यादा अभ्यर्थी प्रभावित

रविवार (28 जून) को होने वाली महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को शनिवार को कथित पेपर लीक के बाद रद्द कर दिया गया। भिवंडी पुलिस को सुबह गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोगों के पास परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी मौजूद है। छापेमारी के दौरान बरामद सामग्री के कुछ सवाल टीईटी के प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए, जिसके बाद महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने जांच पूरी होने तक परीक्षा स्थगित करने का फैसला किया। राज्यभर के 1,028 केंद्रों पर होने वाली इस परीक्षा में करीब 4.28 लाख अभ्यर्थी शामिल होने वाले थे। विपक्षी दलों ने इसे NEET पेपर लीक के बाद एक और बड़ी प्रशासनिक नाकामी बताते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है। जनता से बातचीत में अभिजीत दीपके ने इस घटना का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह कोई इकलौती घटना नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली में गहरी खामी का सबूत है। उन्होंने कहा कि एक के बाद एक परीक्षाएं लीक होने का सिलसिला यह दिखाता है कि लाखों छात्रों का भविष्य किस तरह अनिश्चितता में डाला जा रहा है।

“नीट शहीदों को मत भूलो” — दीपके की भावुक अपील

दीपके ने जनता से अपील की कि वे NEET पेपर लीक की वजह से जान देने वाले छात्रों को याद रखें और उन्हें भुलाया न जाए। बता दें कि इस साल मई में हुई NEET-UG परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद रद्द कर 21 जून को दोबारा आयोजित करनी पड़ी थी, और इस पूरे विवाद के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में छात्रों की आत्महत्या की एक के बाद एक खबरें सामने आईं। दीपके ने हाल ही में दावा किया था कि NEET पेपर लीक मामले से जुड़ी कम से कम 17 छात्रों की आत्महत्या की जानकारी मिली है। जनता के सवालों का जवाब देते हुए दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के आवास से कुछ ही मिनटों की दूरी पर एक NEET अभ्यर्थी ने आत्महत्या कर ली, लेकिन सरकार की तरफ से पीड़ित परिवार से मिलने या संवेदना जताने के लिए कोई नहीं पहुंचा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वह छात्र कोई आतंकवादी नहीं था कि प्रशासन उसके घर तक न जाए, और याद दिलाया कि पहले ऐसे मामलों में सरकार पीड़ित परिवारों से मिलकर सांत्वना देती थी। *(स्पष्ट करना ज़रूरी है कि यह दावा दीपके के सार्वजनिक बयान पर आधारित है; इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।)*

स्कूल में छात्रा की आत्महत्या और सबूत मिटाने का आरोप

कार्यक्रम के दौरान दीपके ने एक स्कूल में हुई छात्रा की आत्महत्या के मामले का भी ज़िक्र किया। उनके मुताबिक, स्कूल प्रशासन ने पुलिस-प्रशासन के साथ मिलकर मामले में सबूत मिटाने की कोशिश की, राजस्थान के जयपुर के प्रतिष्ठित नीरजा मोदी स्कूल में चौथी कक्षा की 9 वर्षीय छात्रा अमायरा मीना की स्कूल की चौथी मंजिल से गिरकर हुई मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। परिजनों और प्रदर्शनकारियों ने इस घटना को मात्र हादसा मानने से इनकार करते हुए स्कूल प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।आज सीजेपी (CJP) के संस्थापक और आंदोलन के मुख्य सूत्रधार अभिजीत दीपके ने भी इस मामले में स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। देशभर में हाल के महीनों में स्कूल-कॉलेज स्तर पर भी छात्र-छात्राओं की आत्महत्या के कई मामले सामने आए हैं जिनमें फीस के दबाव, परीक्षा के तनाव और प्रशासनिक उपेक्षा से जुड़े आरोप शामिल हैं। इन सभी मामलों ने शिक्षा तंत्र की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं।

कल से सोनम वांगचुक का आमरण अनशन

आंदोलन की सबसे बड़ी खबर यह है कि जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक रविवार, 28 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने जा रहे हैं। वांगचुक ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि वे केंद्र सरकार से 27 जून तक जवाब का इंतजार करेंगे, और यदि CJP द्वारा उठाई गई मांगों  मुख्य रूप से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है, तो वे अगले दिन से उपवास शुरू कर देंगे। शिक्षा मंत्री के जन्मदिन पर दीपके ने व्यंग्यात्मक अंदाज़ में उनसे इस्तीफा “तोहफे” के रूप में मांगा था। वांगचुक इससे पहले भी लद्दाख की मांगों को लेकर लंबा अनशन कर चुके हैं, जिसके दौरान हालात बिगड़ने पर उन्हें हिरासत में भी लिया गया था। इस बार भी उनके अनशन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

जंतर-मंतर पर बना जन-आंदोलन का केंद्र

बीते कई दिनों से जंतर-मंतर पर डटे CJP कार्यकर्ताओं और छात्रों का प्रदर्शन रुक-रुक कर लगातार जारी है। दीपके पहले ही कह चुके हैं कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, धरना खत्म नहीं होगा। हर दिन की तरह आज भी कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में कंटेंट क्रिएटर, सोशल मीडिया न्यूज़ चैनल और इन्फ्लुएंसर मौजूद रहे, जो लाइव कवरेज और सीधा प्रसारण करते देखे गए। दिल्ली पुलिस की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं और भीड़ पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

आगे क्या?

रविवार का दिन आंदोलन के लिए निर्णायक माना जा रहा है एक तरफ महाराष्ट्र टीईटी रद्द होने से छात्रों में नया गुस्सा है, दूसरी तरफ सोनम वांगचुक का अनशन शुरू होने से सरकार पर दबाव और बढ़ेगा। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यदि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर जल्द कोई फैसला नहीं हुआ, तो आंदोलन और राज्यों तक फैल सकता है, जैसा कि दीपके पहले ही चेतावनी दे चुके हैं। यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो कृपया तुरंत किसी हेल्पलाइन से संपर्क करें — टेली मानस हेल्पलाइन: 14416 / 1800-891-4416।*

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