फर्जी गैस कनेक्शन बंद होने का झांसा देकर ठगी करने वाले साइबर गिरोह का भंडाफोड़

New Delhi news दक्षिण-पश्चिम जिला साइबर थाना पुलिस ने फर्जी गैस कनेक्शन डिस्कनेक्ट करने का संदेश भेजकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पदार्फाश किया है। इस मामले में झारखंड और पश्चिम बंगाल से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 20 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक टैबलेट, टाटा हैरियर कार, सोने-चांदी के आभूषण, 61,900 रुपये नकद तथा अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता महिला को मोबाइल पर संदेश मिला कि उसका आईजीएल गैस कनेक्शन बंद किया जा रहा है और सहायता के लिए एक नंबर पर संपर्क करने को कहा गया। फोन करने पर साइबर ठगों ने उसके मोबाइल में एक एपीके फाइल डाउनलोड करवा दी। फाइल इंस्टॉल होते ही आरोपियों ने मोबाइल और बैंकिंग सिस्टम पर अवैध नियंत्रण हासिल कर लिया तथा बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से करीब 2.64 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली।
पुलिस ने जांच में तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पाया कि ठगी की रकम से आॅनलाइन महंगे मोबाइल फोन, गिफ्ट कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदे गए। इन सामानों की डिलीवरी फर्जी पते पर कराई जाती थी और बाद में उन्हें दूसरे राज्यों में भेज दिया जाता था, ताकि ठगी की रकम का स्रोत छिपाया जा सके।
सबसे पहले शाहीन बाग स्थित एक दुकान से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जो साइबर ठगों के लिए पार्सल रिसीव कर उन्हें कमीशन के बदले कोलकाता भेजता था। उसके खुलासे के बाद पुलिस कोलकाता पहुंची, जहां से मोहम्मद साहिल और मोहम्मद रहीम को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर झारखंड के देवघर से मोहम्मद मोहसिन और मोहम्मद दिलशाद को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरोह के सदस्य अलग-अलग टीमों में करता था काम
जांच में सामने आया कि गिरोह अलग-अलग टीमों में काम करता था। एक टीम फर्जी संदेश भेजकर लोगों को जाल में फंसाती थी, दूसरी टीम एपीके फाइल के जरिए बैंक खातों से रकम निकालती थी, तीसरी टीम खरीदे गए सामान की डिलीवरी लेती थी और चौथी टीम उन सामानों को अवैध चैनलों तथा विदेशी हैंडलरों के माध्यम से बेचकर ठगी की रकम को खपाने का काम करती थी।

New Delhi news

यहां से शेयर करें