ईरान ने शुक्रवार को हार्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में नौवहन पर अपना नियंत्रण का अधिकार दोहराया और खाड़ी देशों को अमेरिका के साथ खड़े होने की चेतावनी दी। गुरुवार को ओमान के पास एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले ने अमेरिका-ईरान के बीच हालिया अंतरिम समझौते की नाजुकता को उजागर कर दिया है। ईरानी उप विदेश मंत्री काजेम ग़रीबाबादी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “हार्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित मार्ग अस्पष्ट व्यवस्थाओं, समानांतर मार्गों या ईरान की भूमिका को नजरअंदाज करने वाले फैसलों से सुनिश्चित नहीं किया जा सकता।” ईरान ने अमेरिका और छह खाड़ी देशों के संयुक्त बयान का जवाब देते हुए इसे “हस्तक्षेपकारी, जिम्मेदारिहीन और उकसावे भरा” बताया। उस बयान में ईरान के टोल या नियंत्रण के दावे को खारिज किया गया था।
जहाज हमले की घटना
सिंगापुर के झंडे वाला जहाज ‘एवर लवली’ (Ever Lovely) गुरुवार को ब्रिटिश नौसेना एजेंसी UKMTO द्वारा सुझाए गए मार्ग पर ओमान के पास एक “अज्ञात वस्तु” से टकराया। जहाज को नुकसान हुआ लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ और यह अपनी यात्रा जारी रखने में सक्षम रहा। अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान को इस हमले का जिम्मेदार ठहराया। ईरान की ओर से इसकी पुष्टि नहीं हुई है। ईरानी राज्य टीवी के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने तीन विदेशी टैंकरों को “अनधिकृत मार्ग” अपनाने की चेतावनी दी और उन्हें वापस लौटने पर मजबूर किया। ईरान ने हार्मुज जलडमरूमध्य में अपना नियंत्रण मजबूत करते हुए कहा कि जहाजों को उसके तटीय राज्य की भूमिका को ध्यान में रखना चाहिए।
ट्रंप की प्रतिक्रिया और अंतरिम समझौता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान हार्मुज में यातायात के मुक्त प्रवाह को बाधित नहीं कर सकता। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के साथ संयुक्त बयान में “मुक्त, बिना शर्त और असीमित नौवहन” की मांग की, जिसमें टोल या नियंत्रण के किसी भी प्रयास को अस्वीकार किया गया। ट्रंप ने इस महीने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान अंतरिम समझौते का सम्मान नहीं करता, जिसमें जलडमरूमध्य को फिर से खोलना शामिल है, तो अमेरिका बमबारी पर लौट सकता है। इस समझौते ने फरवरी में शुरू हुए ईरान युद्ध को रोकने में मदद की थी, जिसमें अमेरिका-इजराइल के हमलों के बाद ईरान ने क्षेत्र में तनाव बढ़ाया था।
वैश्विक प्रभाव और तेल की स्थिति
घटना के बावजूद हार्मुज जलडमरूमध्य में यातायात जारी है, हालांकि गति धीमी रही। विश्व के तेल और LNG का लगभग पांचवां हिस्सा इस रास्ते से गुजरता है। तेल की कीमतें शुक्रवार को 3% से अधिक गिर गईं, साप्ताहिक भारी नुकसान की ओर बढ़ रही हैं। सऊदी अरामको ने अपने रास तनुरा टर्मिनल पर कच्चे तेल की लोडिंग फिर से शुरू कर दी है। उर्वरक शिपमेंट्स भी बढ़े हैं, जिससे वैश्विक खाद्य कीमतों पर दबाव कम हुआ है। ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी कि उनकी स्थिरता ईरान के हार्मुज प्रबंधन पर निर्भर है। ईरान का कहना है कि जलडमरूमध्य को ईरान और ओमान द्वारा संयुक्त रूप से प्रबंधित किया जाना चाहिए।
पृष्ठभूमि
यह तनाव फरवरी 2026 के ईरान युद्ध के बाद का है, जिसमें ईरान ने जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से नियंत्रित कर लिया था। अंतरिम समझौते में 60 दिनों की बातचीत का प्रावधान है, जिसमें ईरान का परमाणु कार्यक्रम, मिसाइलें और प्रॉक्सी समूह शामिल हैं। लेबनान में इजराइल-हिजबुल्लाह युद्ध भी इससे जुड़ा हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना क्षेत्रीय शांति प्रयासों को चुनौती दे रही है। अमेरिका खाड़ी सहयोगियों को आश्वस्त करने की कोशिश कर रहा है, जबकि ईरान अपने तटीय अधिकारों पर अडिग है। स्थिति पर नजर बनी हुई है, क्योंकि कोई भी गलत कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार को और अस्थिर कर सकता है।

