श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और चोरी के मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, ट्रस्ट के एक अन्य अधिकारी डॉ. अनिल मिश्रा का इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया गया है। इस घटनाक्रम के साथ ही पुलिस ने चढ़ावे की चोरी के मामले में नामजद 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें ट्रस्ट के कर्मचारी, चंपत राय के ड्राइवर और उनके करीबी सहयोगी शामिल हैं।
घटना का विवरण
राम मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए नकद, चांदी, सोने और अन्य दान की राशि में बड़े पैमाने पर गबन की शिकायत मिलने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर विशेष जांच टीम (SIT) गठित की थी। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में कैश काउंटिंग स्टाफ द्वारा सीसीटीवी फुटेज में पकड़े गए गबन के सबूत सामने आए। ट्रस्ट की शिकायत पर अयोध्या पुलिस ने बुधवार-गुरुवार को 8 नामजद आरोपियों और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) के तहत FIR दर्ज की।
आरोपी कौन हैं?
गिरफ्तार आरोपियों में रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू (चंपत राय के करीबी सहयोगी और सुपरवाइजर), अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, रामाशंकर मिश्रा, मनीष यादव और करुणेश पांडे शामिल हैं। इनमें छह व्यक्ति मंदिर के कैश हैंडलिंग और काउंटिंग स्टाफ हैं, जो सीसीटीवी में चोरी करते पकड़े गए। पुलिस अब इनसे रिमांड लेकर आगे की जांच करेगी। कुछ रिपोर्ट्स में कुल गबन की राशि को लेकर ₹200 करोड़ तक के आंकड़े भी चर्चा में आए हैं, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी लंबित है। ट्रस्ट के उच्च अधिकारियों जैसे चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव को FIR में नाम नहीं लिया गया है। SIT की 12 पन्नों की रिपोर्ट में भी इनके नाम नहीं आने की सूत्रों ने पुष्टि की है, लेकिन नैतिक जिम्मेदारी के चलते इस्तीफों की मांग की जा रही थी।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस मामले ने राजनीतिक बवाल खड़ा कर दिया है। समाजवादी पार्टी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे की मांग की है, जबकि आम आदमी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने ट्रस्ट की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। विपक्षी नेता चंपत राय की भूमिका की जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं, विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने चंपत राय का बचाव करते हुए कहा है कि दोषी पाए जाने वाले किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और अन्य ट्रस्टों की भी जांच होनी चाहिए।
ट्रस्ट का बयान
ट्रस्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए SIT गठन का स्वागत किया था और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। चंपत राई ने खुद SIT के सामने पेश होकर पूछताछ में सहयोग किया था।
पृष्ठभूमि
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मंदिर निर्माण और रखरखाव के लिए भक्तों से भारी मात्रा में दान प्राप्त हो रहा है। पिछले वर्षों में सैकड़ों करोड़ रुपये का चढ़ावा जमा हुआ है। इस मामले ने मंदिर की पवित्रता और दान की पारदर्शिता को लेकर व्यापक बहस छेड़ दी है। देवभक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचने का मुद्दा भी उछला है। पुलिस की जांच जारी है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पूरे मामले पर नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह न केवल कानूनी बल्कि आस्था से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है।

