नोएडा में स्थित शिव शक्ति अपार्टमेंट, सेक्टर-71 के समुदाय केंद्र में रविवार को ब्राह्मण समाज महासंघ (रजि.) की विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें बिहार के एक युवा भरत भूषण तिवारी की कथित निर्मम हत्या पर गहरा दुःख और आक्रोश व्यक्त किया गया। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने मौन रखकर तथा कैंडिल जलाकर शहीद की आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की और एक सुर में घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की। बैठक के दौरान उपस्थित लोगों ने इस जघन्य घटना के लिए बिहार सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि राज्य प्रशासन की चूक और सुरक्षा व्यवस्था की विफलता से ऐसी घटनाएँ बढ़ रही हैं। महासंघ के नेताओं ने आगाह किया कि अगर त्वरित और पारदर्शी जांच नहीं हुई तो समाज और संगठनों की नाराजगी और कार्रवाई तेज़ होगी।
प्रमुख उपस्थित लोग और घोषणाएँ
बैठक में ब्राह्मण समाज महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष गिरीश मिश्रा की अध्यक्षता में जिला अध्यक्ष दिनेश मिश्रा, अक्षय द्विवेदी, मनीष पांडेय, अशोक झा, संजय मिश्रा, सुनील मिश्रा, सी एल शुक्ला, संयम शर्मा सहित कई वरिष्ठ नेतृत्व मौजूद रहा। अखिल भारतीय प्राइवेट चिकित्सा फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार प्रफुल्ल पाण्डेय, राजेश पाण्डेय, शिक्षा शर्मा और कई स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों ने भी शिरकत की। सभा में उपस्थित लोगों ने घटना की निन्दा करते हुए कड़े कानून-व्यवस्था के कदमों की मांग दोहराई।
आंदोलन और अगला कदम
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों का एक बड़ा जत्था शीघ्र ही सिटी मैजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंच कर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेगा। ज्ञापन में घटना की पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था स्थापित करने की मांग शामिल होगी। प्रतिनिधिमंडल की तिथि व समय जल्द घोषित किए जाने का निर्णय लिया गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया और माहौल
समुदाय केंद्र में आयोजित श्रद्धांजलि एवं मौन समय के दौरान भारी संख्या में लोग मौजूद रहे और स्थानीय व्यापारियों व निवासियों ने भी संवेदना व्यक्त की। कई उपस्थितों ने कहा कि संवेदनशील मामलों में त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई और पारदर्शी जांच ही पीड़ित परिवार को न्याय दिला सकती है। आयोजन स्थल पर भारी रोष के बावजूद शांति प्रकारक माहौल बना रहा।
पठनीय कार्रवाई
ब्राह्मण समाज महासंघ ने कहा कि वे बस मौन प्रार्थना तक सीमित नहीं रहेंगे; यदि उनकी मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो वह अधिक संगठित रूप में प्रोटेस्ट और कानूनी रास्ते अपनाने पर मजबूर होंगे। साथ ही महासंघ ने स्थानीय तथा राज्य सरकारों से घटना की निष्पक्ष सीबीआई या राज्य-स्तरीय उच्च स्तरीय जांच की भी अपील की है।

