उत्तर प्रदेश सरकार के अवैध निर्माण और भू-माफिया के खिलाफ सख्त अभियान के तहत ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण (ग्रेनो) ने एक बार फिर बुलडोजर कार्रवाई की है। सोमवार को ग्राम खोदना खुर्द में प्राधिकरण की अधिग्रहित भूमि पर किए गए बड़े पैमाने के अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई से करीब 6000 वर्ग मीटर जमीन मुक्त हुई, जिसकी अनुमानित कीमत १२ करोड़ रुपये बताई जा रही है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर भूलेख और परियोजना विभाग की टीम ने यह अभियान चलाया। परियोजना विभाग के वर्क सर्किल-२ की टीम, जिसमें वरिष्ठ प्रबंधक प्रदीप कुमार, प्रबंधक रोहित गुप्ता, सुपरवाइजर और प्राधिकरण के सुरक्षा कर्मी शामिल थे, ने दोपहर बाद करीब दो घंटे तक चली इस कार्रवाई को अंजाम दिया। अधिकारियों के अनुसार, कुछ कॉलोनाइजर खसरा संख्या 502 की इस जमीन पर अवैध प्लॉटिंग करने की कोशिश कर रहे थे। यह भूमि प्राधिकरण द्वारा पहले ही अर्जित और कब्जा प्राप्त की जा चुकी थी।
प्राधिकरण की सख्त चेतावनी
ग्रेनो प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने कार्रवाई के बाद सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति या नक्शा पास कराए किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की कि ग्रेटर नोएडा में जमीन खरीदने से पहले भूलेख विभाग से संपर्क कर पूरी जानकारी अवश्य ले लें, ताकि अवैध कॉलोनियों में अपनी मेहनत की कमाई न फंस जाए। महाप्रबंधक एके सिंह ने भी दोबारा निर्माण करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। यह कार्रवाई यूपी सरकार की अवैध अतिक्रमण हटाने की व्यापक नीति का हिस्सा है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण लगातार ऐसे क्षेत्रों में नजर रख रहा है जहां भू-माफिया या कॉलोनाइजर प्राधिकरण की भूमि पर कब्जा जमाने की कोशिश करते हैं। हाल के महीनों में बिसरख, हैबतपुर, चिपियाना खुर्द और भनौता जैसे कई गांवों में इसी तरह की बुलडोजर कार्रवाइयां की जा चुकी हैं, जिसमें हजारों वर्ग मीटर जमीन कब्जा मुक्त कराई गई है।
विकास कार्यों में बाधा और जनहित
अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अतिक्रमण न केवल विकास कार्यों में बाधा डालते हैं बल्कि कानून व्यवस्था के लिए भी चुनौती बन जाते हैं। प्राधिकरण का प्रयास है कि अधिसूचित क्षेत्रों को साफ रखा जाए ताकि नियोजित विकास हो सके और आम नागरिकों को वैध प्लॉटिंग के माध्यम से लाभ मिल सके। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की है। यदि किसी को अवैध निर्माण या अतिक्रमण की जानकारी हो तो वह तुरंत भूलेख विभाग या संबंधित अधिकारियों से संपर्क करे। प्राधिकरण का स्पष्ट संदेश है अवैध कब्जे बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। यह कार्रवाई न केवल भू-माफियाओं के लिए चेतावनी है बल्कि आम निवासियों के लिए भी सुरक्षा कवच साबित हो रही है, जो वैध तरीके से संपत्ति खरीदने की इच्छा रखते हैं। ग्रेनो प्राधिकरण भविष्य में भी ऐसे अभियानों को तेज करने का संकल्प रखता है।

