नोएडा। नोएडा प्राधिकरण में सोमवार को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया। कई अहम विभागों में OSD (अफसर विशेष कार्य) स्तर पर नई तैनातियां की गई हैं। सबसे अहम बदलाव आवासीय प्लॉट विभाग में देखने को मिला जहां एक साथ दो OSD की तैनाती की गई है। माना जा रहा है कि इस विभाग की कार्यशैली पर उठ रहे सवालों के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है।
आवासीय प्लॉट विभाग में बड़ा बदलाव — AGM से छिना प्रभार, दो OSD तैनात
सबसे चर्चित बदलाव आवासीय प्लॉट विभाग में हुआ है। अब तक यह विभाग एजीएम संजीव बेदी के पास था। लेकिन विभाग की कार्यशैली और कामकाज के तरीके पर लगातार सवाल उठ रहे थे। इसी को देखते हुए प्राधिकरण ने सीधे दो OSD की एक साथ तैनाती का असामान्य कदम उठाया —
- OSD एन.के. सिंह — आवासीय प्लॉट विभाग में तैनाती के साथ-साथ क्रय विभाग का प्रभार भी सौंपा गया
- OSD संतोष कुमार — आवासीय प्लॉट विभाग के साथ-साथ बाह्य विज्ञापन विभाग की जिम्मेदारी भी दी गई
एक ही विभाग में दो वरिष्ठ अधिकारियों की एक साथ तैनाती इस बात का संकेत है कि प्राधिकरण प्रशासन इस विभाग के कामकाज को लेकर गंभीर है और पारदर्शिता सुनिश्चित करना चाहता है।
अन्य विभागों में भी हुए अहम बदलाव — किसे मिला क्या प्रभार
सोमवार के इस प्रशासनिक फेरबदल में कई अन्य विभागों में भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं —
OSD इंदु प्रकाश सिंह — हाउसिंग विभाग का प्रभारी बनाया गया है। आवास से जुड़ी योजनाओं और आवंटन प्रक्रिया की निगरानी इनकी जिम्मेदारी होगी।
OSD अरविंद कुमार — ग्रुप हाउसिंग विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बड़े आवासीय प्रोजेक्ट और बिल्डर्स से जुड़े मामले इनके अधीन होंगे।
OSD क्रांति शेखर सिंह — सबसे अधिक विभागों की जिम्मेदारी इन्हें सौंपी गई है। इनके पास निम्न विभागों का प्रभार होगा —
- भूमि अधिग्रहण
- भू-लेख
- स्पोर्ट्स सिटी
- वाणिज्यिक विभाग
वर्क सर्कल स्तर पर भी बदलाव — सर्कल-10 की कमान विश्वास त्यागी को
OSD स्तर के अलावा वर्क सर्कल स्तर पर भी फेरबदल किया गया है। विश्वास त्यागी को सर्कल-10 का नया प्रभारी बनाया गया है। इससे पहले वे सर्कल-6 और ट्रैफिक सेल प्रभारी के रूप में कार्यरत थे। यह बदलाव नोएडा के उन क्षेत्रों में निर्माण और विकास कार्यों की गति को प्रभावित करेगा जो सर्कल-10 के अंतर्गत आते हैं।
फेरबदल के पीछे क्या है संदेश — पारदर्शिता की कोशिश या दबाव में निर्णय?
प्राधिकरण सूत्रों के अनुसार यह फेरबदल केवल रुटीन प्रशासनिक बदलाव नहीं है। इसके पीछे कुछ स्पष्ट संकेत हैं —
- आवासीय प्लॉट विभाग में लंबे समय से आवंटन, रजिस्ट्री और लीज संबंधी मामलों में देरी और अनियमितता की शिकायतें आ रही थीं
- AGM स्तर के अधिकारी के पास विभाग रहने के बावजूद काम की गति संतोषजनक नहीं थी
- एक साथ दो OSD की तैनाती यह भी दर्शाती है कि विभाग पर अब सीधे वरिष्ठ स्तर से नजर रखी जाएगी
आम जनता पर क्या पड़ेगा असर
नोएडा प्राधिकरण में इस फेरबदल का सीधा असर उन हजारों आवेदकों पर पड़ेगा जिनके मामले लंबे समय से लटके हुए हैं —
- प्लॉट आवंटन से जुड़े अटके मामलों में तेजी आने की उम्मीद
- लीज डीड और रजिस्ट्री के मामलों में पारदर्शिता बढ़ सकती है
- भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों के मुआवजे के मामले तेज हो सकते हैं
- वाणिज्यिक और ग्रुप हाउसिंग से जुड़े बिल्डरों के प्रकरणों का निस्तारण संभव
बदलाव कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखना जरूरी
नोएडा प्राधिकरण में OSD स्तर पर हुए इस बड़े फेरबदल से उम्मीद जगी है कि विभागों की कार्यशैली में सुधार आएगा। लेकिन नोएडा की जनता और प्राधिकरण से जुड़े लोग जानते हैं कि केवल कुर्सियां बदलने से काम नहीं चलता। असली परीक्षा यह होगी कि नए अधिकारी कितनी जल्दी लंबित मामलों को निपटाते हैं और जनता को राहत देते हैं।

