जेवर। जेवर उप निबंधक (रजिस्ट्रार) कार्यालय पर फ्रंट ऑफिस (ई-रजिस्ट्री) के विरोध में चल रही वकीलों की हड़ताल के बीच रविवार को भारी हंगामा खड़ा हो गया। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा/YEIDA) ने सहमति से जमीन देने वाले किसानों की रजिस्ट्री कराने के लिए मेडिकल डिवाइस पार्क में एक अस्थाई व्यवस्था बनाई थी। लेकिन जैसे ही इसकी भनक आंदोलनकारी वकीलों को लगी, वे मौके पर पहुंच गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके चलते यीडा अधिकारियों को बिना बैनामा कराए ही बैरंग लौटना पड़ा।
हड़ताल के बीच प्राधिकरण ने निकाली थी ‘अस्थाई राह’
सरकार द्वारा ई-रजिस्ट्री के लिए फ्रंट ऑफिस खोले जाने के फैसले के खिलाफ जेवर उप निबंधक कार्यालय पर पिछले 10 दिनों से कामकाज पूरी तरह ठप है। अधिवक्ता, बैनामा लेखक और स्टांप वेंडर कार्य बहिष्कार कर लगातार धरने पर बैठे हैं, जिससे रजिस्ट्री से जुड़े सारे काम रुके हुए हैं। इस बीच, यमुना प्राधिकरण को अपनी नई परियोजनाओं और सेक्टरों के विकास के लिए आपसी सहमति से किसानों की जमीन खरीदनी थी। हड़ताल के कारण हो रही देरी को देखते हुए यीडा के अधिकारियों ने रविवार को मेडिकल डिवाइस पार्क में अस्थाई व्यवस्था कर गुपचुप तरीके से बैनामा कराने की योजना बनाई थी।
भनक लगते ही मेडिकल डिवाइस पार्क पहुंचे आंदोलनकारी
एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष तालान ने बताया कि जैसे ही वकीलों, स्टांप वेंडरों और मुंशियों को यह जानकारी मिली कि अधिकारी रविवार की छुट्टी के दिन मेडिकल डिवाइस पार्क में अस्थाई कार्यालय बनाकर रजिस्ट्री करने पहुंचे हैं, सभी लोग तुरंत वहां के लिए रवाना हो गए।
“प्राधिकरण द्वारा गुपचुप तरीके से किसानों से बैनामा कराने का यह प्रयास हमारी हड़ताल को कमजोर करने की कोशिश थी, जिसका पुरजोर विरोध किया गया।” — सुभाश तालान, अध्यक्ष (अधिवक्ता एसोसिएशन)
अधिकारियों को लौटना पड़ा वापस
आंदोलनकारियों ने मेडिकल डिवाइस पार्क पहुंचकर यीडा अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। माहौल को गरमाता देख और वकीलों के कड़े विरोध के आगे झुकते हुए, यीडा के अधिकारी बिना कोई बैनामा या रजिस्ट्री कराए ही वहां से वापस लौट गए। वकीलों का साफ कहना है कि जब तक फ्रंट ऑफिस का फैसला वापस नहीं लिया जाता, उनका कार्य बहिष्कार और आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा।

