जेवर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विमानन क्षेत्र और विकास के इतिहास में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) से आज पहली कमर्शियल/ट्रायल फ़्लाइट ने लखनऊ के लिए सफ़ल टेकऑफ़ किया। यह उड़ान इसलिए भी बेहद ऐतिहासिक और भावुक करने वाली रही क्योंकि इसमें वीआईपी मेहमानों के साथ वे भूमिदाता किसान भी सवार थे, जिन्होंने देश के इस सबसे बड़े एयरपोर्ट के लिए अपनी पुश्तैनी ज़मीनें ख़ुशी-ख़ुशी समर्पित कर दी थीं।
फ़्लाइट में सवार रहे यीडा के शीर्ष अधिकारी और जनप्रतिनिधि
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली इस पहली ऐतिहासिक फ़्लाइट में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) आर. के. सिंह, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) शैलेन्द्र भाटिया, OSD शैलेंद्र सिंह, SDM अभय कुमार और ज़ेवर विधायक धीरेंद्र सिंह मुख्य रूप से मौजूद रहे। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ उन किसानों का जत्था भी लखनऊ पहुँचा, जिनकी ज़मीनें इस मेगा प्रोजेक्ट के पहले चरण में अधिग्रहित की गई थीं।
हवाई सफ़र के दौरान किसानों के चेहरों पर अपनी ज़मीन पर बने शानदार हवाई अड्डे से पहली उड़ान भरने का गौरव और उत्साह साफ़ देखा जा सकता था।

5 कालिदास मार्ग पर भव्य कार्यक्रम, मुख्यमंत्री करेंगे स्वागत
लखनऊ अमौसी एयरपोर्ट पर विमान के लैंड करते ही सभी अतिथियों और किसानों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इसके बाद सभी किसान और अधिकारी सीधे मुख्यमंत्री आवास, 5 कालिदास मार्ग के लिए रवाना हुए।
मुख्यमंत्री आवास पर एक विशेष और भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री खुद इन किसानों की सहभागिता की सराहना करेंगे और उन्हें सम्मानित करेंगे। यह कार्यक्रम उन किसानों के प्रति आभार जताने के लिए आयोजित किया गया है, जिनके सहयोग के बिना इतने कम समय में इस वैश्विक स्तर के एयरपोर्ट का निर्माण संभव नहीं था।
विकास के नए आयाम छुएगा जेवर
विधायक धीरेंद्र सिंह और यीडा सीईओ डॉ. अरुण वीर सिंह ने इस मौके पर कहा कि:
“यह सिर्फ एक फ़्लाइट की उड़ान नहीं है, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास की नई उड़ान है। हमारे किसान भाई इस विकास के सबसे बड़े नायक हैं और आज वे खुद अपने त्याग और सहयोग की बदौलत बने इस एयरपोर्ट से उड़ान भरकर देश की राजधानी और प्रदेश की राजधानी को जोड़ रहे हैं।”
इस उड़ान के साथ ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से नियमित उड़ानों के संचालन का रास्ता पूरी तरह साफ़ हो गया है, जिससे आने वाले दिनों में रोजगार, पर्यटन और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

