पंजाबी तड़का में तीन LPG सिलेंडर फटे, बुजुर्ग महिला को सुरक्षित निकाला गया; पर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था के सवाल अभी भी अनुत्तरित
राजधानी दिल्ली के कालकाजी इलाके में स्थित “पंजाबी तड़का” रेस्टोरेंट उस समय खतरे का अड्डा बन गया जब वहाँ एक के बाद एक तीन LPG सिलेंडरों में भीषण विस्फोट हुआ। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि रेस्टोरेंट से सटे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि इस हादसे में सबसे राहत की बात यह रही कि दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस की तत्परता से एक बुजुर्ग महिला को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दिल्ली फायर सर्विस (DFS) को जैसे ही घटना की सूचना मिली, तत्काल कई दमकल गाड़ियाँ मौके पर रवाना कर दी गईं। फायरकर्मियों ने जान की बाजी लगाते हुए धुएं और आग की लपटों के बीच घुसकर बुजुर्ग महिला को बाहर निकाला। तीनों सिलेंडर फट जाने के बाद भी आग को आसपास के घरों तक फैलने से रोका जा सका, जो दमकलकर्मियों की त्वरित कार्रवाई का प्रमाण है। पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर जाँच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि आखिर सिलेंडर में आग कैसे लगी और क्या रेस्टोरेंट में सुरक्षा के पर्याप्त उपाय थे
पृष्ठभूमि: दिल्ली में लगातार बढ़ रहे रेस्टोरेंट अग्निकांड
कालकाजी का यह हादसा कोई अकेली घटना नहीं है। दिल्ली के मालवीय नगर में हाल ही में एक होटल-रेस्टोरेंट में भीषण आग लगने से 21 लोगों की मौत हुई। यह आग सुबह करीब 8.50 बजे लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट के बेसमेंट में लगी, जिसके बाद कई फायर टेंडर इलाके में भेजे गए। जाँचकर्ता इस घटना में नियमों के पालन, सुरक्षा संबंधी उल्लंघनों और संभावित लापरवाही के पहलुओं की जाँच कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस की जाँच में सामने आया कि मालवीय नगर होटल में आग की असली वजह शॉर्ट सर्किट और कुक की लापरवाही थी। इससे पहले मार्च 2025 में दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित बिक्कगाने बिर्यानी रेस्टोरेंट में भी भीषण आग लग गई थी। यह हादसा गैस सिलेंडर के लीकेज के कारण हुआ और आग की चपेट में आकर छह लोग बुरी तरह झुलस गए।
बुराड़ी और मुकुंदपुर: अवैध सिलेंडरों का काला बाजार
दिल्ली के बुराड़ी के मुकुंदपुर गाँव में मंगलवार को हुए LPG विस्फोट में 11 लोग घायल हो गए। जब सिलेंडर का धमाका हुआ तो पूरे ब्लॉक में भूचाल-सा आ गया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, जहाँ विस्फोट हुआ, उस जगह पर अवैध LPG सिलेंडरों का गोदाम था। कई बार अधिकारियों को इसकी शिकायत की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। दिल्ली के भलस्वा डेरी थाना क्षेत्र के मुकुंदपुर में भी सुबह साढ़े नौ बजे जोरदार धमाके के बाद एक इमारत भरभरा कर गिर गई। दमकल विभाग की पाँच गाड़ियाँ मौके पर पहुंच गईं और पुलिस के साथ मिलकर रेस्क्यू अभियान तेजी से चलाया गया।
दिल्ली में LPG सुरक्षा: एक जर्जर तंत्र
विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली के रेस्टोरेंट और ढाबों में सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। कई रेस्टोरेंट संचालक रसोई में एक साथ दो-तीन से अधिक सिलेंडर रखते हैं, जो न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि भयावह हादसों को दावत देता है। मालवीय नगर अग्निकांड ने शहरी सुरक्षा, फायर ऑडिट, बिल्डिंग कंप्लायंस और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर बहस खड़ी कर दी है। रेस्टोरेंट और होटल में सुरक्षा मानकों को सख्ती से क्यों नहीं लागू किया जाता, यह सवाल बार-बार उठता है। पुलिस ने कहा है कि अगर जाँच में लापरवाही साबित होती है, तो रेस्टोरेंट प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बचाव की बड़ी बातें और प्रशासन की जवाबदेही
कालकाजी के पंजाबी तड़का रेस्टोरेंट हादसे में बुजुर्ग महिला को सुरक्षित निकाल लेना एक राहत की खबर जरूर है, लेकिन यह घटना एक बार फिर इस कड़वे सच को उजागर करती है कि दिल्ली के छोटे-बड़े रेस्टोरेंट, ढाबे और होटल आग के मामले में किसी भी वक्त बारूद के ढेर में तब्दील हो सकते हैं। LPG की कमी के बीच अवैध भंडारण और कालाबाजारी की प्रवृत्ति ने स्थिति को और खतरनाक बना दिया है। मालवीय नगर अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा किया और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। लेकिन जमीनी स्तर पर सुरक्षा ऑडिट की माँग अभी भी पूरी नहीं हुई है।
क्या होनी चाहिए कार्रवाई?
अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली में तत्काल निम्नलिखित कदम उठाए जाने चाहिए:
नियमित फायर ऑडिट: सभी रेस्टोरेंट और होटलों में अनिवार्य रूप से प्रत्येक तिमाही फायर ऑडिट हो।
सिलेंडर की सीमा: किसी भी रसोई में एक साथ एक से अधिक LPG सिलेंडर रखने पर कड़ा प्रतिबंध लगाया जाए।
बेसमेंट रेस्टोरेंट पर नियंत्रण: बेसमेंट में संचालित रेस्टोरेंट पर या तो पूर्ण प्रतिबंध हो या उनमें विशेष अग्नि निकास मार्ग अनिवार्य किए जाएं।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई: लापरवाही साबित होने पर रेस्टोरेंट लाइसेंस तत्काल रद्द और आपराधिक मुकदमा दर्ज हो।

