संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान के लिए अरबों डॉलर की राशि अनलॉक करने पर सहमति जताई है। यह कदम अमेरिका-इजरायल युद्ध के दौरान ईरान के हमलों के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में एक बड़ा रणनीतिक बदलाव दर्शाता है। रॉयटर्स की खास खबर के अनुसार, चार सूत्रों ने पुष्टि की है कि UAE कुल 10 से 20 अरब डॉलर तक की राशि जारी करने जा रहा है, जिसमें से पहले चरण में 3 अरब डॉलर से अधिक पहले ही ट्रांसफर कर दिया गया है।
यह समझौता ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के तहत फंसे फंड्स या UAE की बैंकिंग प्रणाली में ब्लॉक ईरानी संपत्तियों से जुड़ा हो सकता है। सूत्रों ने बताया कि यह राशि ईरान के हमलों को रोकने, द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग बढ़ाने और खुफिया जानकारी साझा करने के बदले में दी जा रही है। UAE के एक अधिकारी ने कहा, “UAE की विदेश नीति तनाव कम करने, क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने पर आधारित है। हम अमेरिका के प्रयासों का समर्थन करते हैं ताकि क्षेत्र के लोगों को संघर्ष के प्रभावों से बचाया जा सके।”
युद्ध की पृष्ठभूमि और हमले
UAE-ईरान संबंध युद्ध के दौरान काफी तनावपूर्ण रहे। ईरान ने UAE पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनमें 4 मई को Fujairah पोर्ट पर हमला शामिल है। इन हमलों से दुबई के होटल खाली हो गए, विदेशी नागरिकों ने देश छोड़ा और UAE की व्यावसायिक सुरक्षा की छवि को नुकसान पहुंचा। ईरान ने UAE को युद्ध में शामिल होने के लिए निशाना बनाया था। अब, जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए अंतिम चरण की बातचीत चल रही है, UAE का यह कदम क्षेत्रीय डी-एस्केलेशन का हिस्सा माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने अन्य Gulf देशों से भी इसी तरह के समझौते की मांग की है।
वित्तीय और कूटनीतिक महत्व
UAE, खासकर दुबई, ईरान के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र रहा है। यहां ईरानी-संबंधित जमा राशियां और व्यापार नेटवर्क सक्रिय हैं, जो अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद काम कर रहे थे। युद्ध से पहले UAE ईरानी संपत्तियों को फ्रीज करने पर विचार कर रहा था, लेकिन अब रिलीज करने का फैसला लिया गया है। यह ईरान को युद्ध क्षति का मुआवजा देने जैसा भी है, जबकि अमेरिका का कहना है कि वह सीधे फंड्स नहीं दे रहा। व्हाइट हाउस ने अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा था कि कोई भी डील ईरान को तभी फायदा पहुंचाएगी जब वह अपनी जिम्मेदारियां पूरी करे।
क्षेत्रीय प्रभाव और प्रतिक्रियाएं
यह समझौता US-ईरान बातचीत के साथ जुड़ा है, जिसमें ईरानी तेल राजस्व को रिलीज करने की संभावना है। क्षेत्रीय सूत्रों के अनुसार, UAE के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Sheikh Tahnoun bin Zayed al Nahyan से Revolutionary Guards अधिकारियों की मुलाकात के बाद बातचीत तेज हुई। UAE अधिकारियों ने तेहरान का दौरा भी किया।
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम UAE की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, दुबई के व्यापारिक हब की स्थिति बहाल करेगा और क्षेत्र में विश्वास निर्माण में मदद करेगा। हालांकि, कुछ विशेषज्ञ इसे ईरान की मजबूत स्थिति के रूप में देखते हैं, जबकि अन्य इसे व्यावहारिक कूटनीति मानते हैं। ईरानी अधिकारियों ने अभी इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। बाजारों में शांति की उम्मीद से सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी जा रही है।यह विकास मध्य पूर्व में नई संभावनाओं का संकेत देता है, जहां युद्ध के बाद पुनर्निर्माण और सहयोग पर जोर दिया जा रहा है। UAE का यह फैसला क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है, लेकिन भविष्य की डील्स और प्रतिबंधों पर निर्भर करेगा।

