एयर इंडिया हादसे की अंतिम जाँच रिपोर्ट में और देरी, इंजन परीक्षण अमेरिका में अधूरा, पहली बरसी पर भी सच्चाई पूरी नहीं

अहमदाबाद त्रासदी की पहली बरसी पर भी नहीं मिला जवाब, AAIB इस हफ्ते जारी करेगा केवल ‘स्टेटस रिपोर्ट’

एयर इंडिया की उड़ान AI-171 की भीषण दुर्घटना को कल, 12 जून को, ठीक एक साल पूरे हो जाएंगे लेकिन इस घातक बोइंग 787 दुर्घटना की अंतिम जाँच रिपोर्ट एक वर्ष की निर्धारित समय-सीमा पर जारी नहीं होगी। मामले से परिचित सूत्रों के अनुसार, जाँच एजेंसी को विमान के इंजनों की जाँच पूरी करने के लिए और समय चाहिए। भारत का विमान दुर्घटना जाँच ब्यूरो (AAIB) इस हफ्ते एक ‘स्टेटस रिपोर्ट’ जारी करेगा, जिसमें केवल देरी के कारण बताए जाएंगे। ब्लूमबर्ग न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम रिपोर्ट अब तीन महीने के भीतर आने की उम्मीद है, जब तक GE एयरोस्पेस के इंजनों की जाँच पूरी हो सके।

क्या हुआ था 12 जून 2025 को?

12 जून 2025 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171, अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद B.J. मेडिकल कॉलेज परिसर में जा गिरी। इस हादसे में 260 लोगों की जानें गई थीं यह पिछले एक दशक में दुनिया की सबसे बड़ी विमान त्रासदी थी। विमान में 230 यात्री और 12 चालक दल के सदस्य सवार थे, और जमीन पर भी 19 लोगों की मौत हुई।

जाँच में अड़चन कहाँ है?

GE एयरोस्पेस द्वारा निर्मित इंजन इस पूरी जाँच के केंद्र में हैं।  इन इंजनों की जाँच अमेरिका में हो रही है, क्योंकि दुनिया में बहुत कम ऐसी जगहें हैं जहाँ इस तरह के इंजनों को ठीक से खोलने और परखने के उपकरण मौजूद हैं। AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड के भीतर विमान के दोनों इंजनों के फ्यूल कंट्रोल स्विच ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ की स्थिति में आ गए एक के बाद एक, महज एक सेकंड के अंतर पर  जिससे दोनों इंजन बंद हो गए।

पायलट पर संदेह बनाम तकनीकी खराबी का विवाद

जाँच के दौरान सवाल उठा कि फ्यूल स्विच किसने बंद किए पायलट ने या किसी तकनीकी गड़बड़ी ने? कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में एक पायलट को यह कहते सुना गया  “तुमने कट ऑफ क्यों किया?” और दूसरे ने जवाब दिया “मैंने ऐसा नहीं किया।” सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन ऑफ इंडिया (SMF) के विश्लेषण के अनुसार, विमान का रैम एयर टरबाइन (RAT) फ्यूल स्विच के ‘CUTOFF’ होने से 2.5 सेकंड पहले ही तैनात हो गया था जो यह संकेत देता है कि दुर्घटना का कारण पायलट की गलती नहीं, बल्कि एक व्यापक तकनीकी विफलता हो सकती है। फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने 5 जून 2026 को प्रधानमंत्री कार्यालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और AAIB को एक विस्तृत पत्र भेजकर तकनीकी पहलुओं की गहरी जाँच की माँग की है। पायलट संगठन ने सुझाया कि एक विद्युत गड़बड़ी के कारण FADEC प्रणाली ने दोनों इंजन एक साथ बंद कर दिए हो सकते हैं।

अन्य चिंताजनक खुलासे

जाँच में यह भी सामने आया कि विमान ने उड़ान से करीब 15 मिनट पहले ही विद्युत और उड़ान नियंत्रण संबंधी खराबियाँ दर्ज की थीं, जिनमें एक स्टेबलाइजर पोजीशन ट्रांसड्यूसर चेतावनी भी शामिल थी और किसी भी संकेत के अनुसार, यह जानकारी चालक दल को नहीं दी गई थी। इसके अलावा, फरवरी 2026 में एक अन्य एयर इंडिया 787 विमान में भी लंदन हीथ्रो से उड़ान से पहले ज़मीन पर ही फ्यूल स्विच दो बार ‘CUTOFF’ हो गया था, जिसके बाद उस विमान को तत्काल जमीन पर रोक दिया गया था।

अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन

अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के तहत किसी भी दुर्घटना की अंतिम रिपोर्ट एक साल के भीतर जारी करना अनिवार्य है। यदि ऐसा संभव न हो, तो हर बरसी पर एक अंतरिम बयान जारी किया जाना चाहिए। AAIB अब इसी नियम के तहत इस सप्ताह स्टेटस रिपोर्ट जारी करेगा। जाँच का नेतृत्व भारत का AAIB कर रहा है, जिसमें अमेरिकी NTSB और ब्रिटेन का AAIB विशेषज्ञ भागीदार के रूप में, तथा बोइंग और GE एयरोस्पेस भी शामिल हैं। AAIB, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, एयर इंडिया, NTSB, बोइंग और GE एयरोस्पेस ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

260 परिवारों का इंतज़ार जारी

अहमदाबाद हादसे में अपनों को खोने वाले 260 परिवारों के लिए यह एक और कठिन बरसी है। एक साल बीत जाने के बाद भी न कारण स्पष्ट हुआ है, न जिम्मेदारी तय हुई है। जाँच अभी भी जारी है और अब उम्मीद है कि अगले तीन महीनों में अमेरिका में GE के इंजनों की जाँच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ सकेगी।

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