शाहबेरी, ग्रेटर नोएडा में भीषण अग्निकांड, बहुमंजिला इमारत के चौथे माले पर लगी आग, दमकल की कई गाड़ियों ने पाया काबू; कोई हताहत नहीं

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के शाहबेरी इलाके में एक बहुमंजिला आवासीय इमारत के चौथे माले पर अचानक भीषण आग लग जाने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आग की ऊँची-ऊँची लपटें और काले धुएँ का गुबार दूर से ही देखा जा सकता था, जिससे आसपास के निवासियों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियाँ तत्काल मौके पर पहुँचीं और राहत व बचाव कार्य तेज़ गति से शुरू किया गया। अग्निशमन कर्मियों की मेहनत रंग लाई और आग पर काबू पा लिया गया। फिलहाल किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, वहीं आग लगने के कारणों की जाँच जारी है। प्रारंभिक अनुमान के तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालाँकि अधिकारियों ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

NCR में लगातार अग्निकांड — सुरक्षा पर उठते सवाल

शाहबेरी की यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पूरे एनसीआर में आग की बड़ी घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। नोएडा के सेक्टर-75 स्थित आईवीवाई काउंटी सोसाइटी की ऊँची इमारत में हाल ही में भीषण आग लगी थी, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। उस आग को बुझाने के लिए अग्निशमन दल को हाइड्रोलिक क्रेन और आधुनिक उपकरणों का सहारा लेना पड़ा था। इससे पहले भी शाहबेरी के फर्नीचर मार्केट क्षेत्र में रात के समय एक प्लास्टिक की दुकान से शुरू हुई आग तेज़ी से आसपास की फर्नीचर दुकानों में फैल गई थी। क्षेत्र में अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग बेहद तेज़ी से फैली और 30 से अधिक दमकल गाड़ियाँ भेजनी पड़ी थीं। ग्रेटर नोएडा के बादलपुर थाना क्षेत्र में भी बुधवार को एक फैक्ट्री के वेयरहाउस में भीषण आग लगी, जिसमें 16 दमकल गाड़ियाँ लगाकर आग पर काबू पाया गया।

437 सोसाइटियों में फायर सेफ्टी ऑडिट का फैसला

लगातार हो रहे इन अग्निकांडों के बाद प्रशासन भी हरकत में आया है। अग्निशमन विभाग ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा की 437 पंजीकृत हाईराइज सोसाइटियों में विशेष फायर सेफ्टी जाँच अभियान चलाने का निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस संदर्भ में नोएडा और ग्रेटर नोएडा की ऊँची इमारतों में फायर सेफ्टी ऑडिट और सुरक्षा मानकों की समीक्षा के निर्देश दिए हैं। 

विशेषज्ञों और नागरिक संगठनों ने हाईराइज इमारतों में नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट की माँग करते हुए बिल्डरों और प्रबंधन समितियों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बड़े अग्निकांड के बाद फायर सेफ्टी की चर्चा शुरू होती है, निरीक्षण होते हैं और नोटिस जारी होते हैं, लेकिन कई मामलों में कार्रवाई केवल कागजी प्रक्रिया तक ही सीमित रह जाती है। अग्निशमन अधिकारियों का कहना है कि विभाग अत्याधुनिक उपकरण खरीद रहा है और अमूमन बहुमंजिला इमारतों में खुद की अग्निशमन प्रणाली होनी चाहिए। शाहबेरी की इस ताज़ा घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या तेज़ी से विकसित हो रहे ग्रेटर नोएडा वेस्ट में आवासीय इमारतों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतज़ाम हैं।

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